मजदूर से गांड मरवाई

Majdoor Se Gaand Marwai

मैं हॉट सेक्स स्टोरी का कई साल से नियमित पाठक हूँ पर आज पहली बार अपनी कहानी भेज रहा हूँ।

पहले अपने बारे में थोडा बता देता हूँ। मैं छब्बीस साल का छह फीट लम्बा युवक हूँ।

सभी की तरह मुझे भी सेक्स बहुत पसंद है, ख़ास बात यह है कि मुझे हर तरह का सेक्स पसंद है, लड़कियों के साथ भी लड़कों के साथ भी।

मेरे सेक्स को ले कर बहुत अनुभव है जो मैं एक-एक कर के आपके साथ साझा करूँगा। अभी जो मैं आपको बताने जा रहा हूँ वो ताज़ा बात है, एक दो दिन पहले की।

मुझे गे सेक्स का शौक शुरू से ही रहा है। लड़कों की गांड मरना, लंड चुस्वाना बहुत पसंद है। फेसबुक के जरिये मैं बहुत लड़कों की गांड मार चूका हूँ।

एक दिन शाम को मेरा मन हुआ कि चलो, कोई नया प्रयोग (एक्सपेरिमेंट) किया जाए। मैं किसी नए अनजान व्यक्ति के साथ अप्रत्याशित (सरप्राइज) सेक्स की खोज में था।

मैं अपनी कार ले कर अँधेरा होने के बाद सड़क पर घुमने लगा कि कोई मेरे मतलब का बंदा लिफ्ट ले तो मैं कोशिश करूँगा।

एक घंटे से ज्यादा घुमने पर भी कोई सफलता हाथ नहीं लगी एक-दो लोगों ने लिफ्ट ली भी पर मैं हिम्मत नहीं कर पाया।

मुझे लगा किसी को सीधे गांड मरवाने के लिए बोलना मुश्किल है। अपनी गांड पेश (ऑफर) कर देना फिर भी शायद आसान होगा फिर मेरे सिर सेक्स का भूत तो चढ़ गया था।

अब मुझे कुछ तो चाहिए था मेरे पास एक दो गे गांडू लड़कों के नम्बर भी थे। मैंने सोचा इनसे ही काम चला लेते हैं। मैंने कॉल किया पर दोनों ही नहीं मिले, अब मैंने सोचा क्या किया जाये?

कार ले कर घुमने लगा। काफी देर बाद एक लड़का दिखाई दिया, अँधेरे में खड़ा पेशाब कर रहा था।

कार की लाईट पड़ने के कारण उसका लंड नज़र आया। मेरी ठरक और बढ़ गई। फिर जल्दी से ज़िप बंद करके चलने लगा।

मैंने कार उसके पास ले जा कर रास्ता पूछने का नाटक किया फिर धीरे से उससे कहा – तुम्हारा लंड देख लिया मैंने, बहुत सुंदर है। चुसवाओगे?

वो बोला – क्या? नहीं और अपने रस्ते चल पड़ा।

मैंने आगे ले जा कर गाड़ी रोकी। सोचा पंगा तो ले ही लिया है, पूरा लेते हैं। गाड़ी से उतर कर बोला – क्या हुआ? खड़ा नहीं होता क्या?

वह मुझे कहने लगा – शर्म नहीं आती। वह मुझे शक्ल से मजदूर जैसा लग रहा था। मैंने सीधे कहा – मस्ती करने के पांच सौ रुपए मिलेंगे आधे घंटे के।

वो चुप हो गया, फिर कहा – क्या करना होगा? मैंने कहा – बस, कार में बैठो। वो बैठ गया।

मैंने अपना लंड निकल कर उसे पकड़ा दिया। वह बोला – मैं नहीं लूँगा। मैंने कहा – जो मैं करता हूँ वो तो कर सकते हो? ऐसा कह कर उसका जवाब सुने बिना मैंने उसका लंड निकाल कर अपने मुँह मैं डाल लिया।

उसका सुपाडा काफी नमकीन लग रहा था, अभी पेशाब जो कर के आया था। मैंने लंड पहले भी चुस था पर सिर्फ उनका जिनकी गांड मारी थी। पहली बार मैं पहले लंड चूस रहा था। उसे मज़ा आ रहा था।

उसने अपने आप अपनी पेंट और अंडरवियर घुटनों तक नीचे कर दी। मैं ज़ोर से उसकी मुठ मार कर चूसने लगा। वो मस्ती से आवाज़ करने लगा शायद उसने पहली बार ही चुस्वाया था।

मुझे लगा यह पूरी मस्ती मैं आ गया है, मैंने मुँह से बाहर निकाल लिया और हाथ से उसका लंड और गोलियां सहलाने लगा। फिर शर्ट के बटन खोल कर उसके निप्पल को सहलाने-कुरेदने लगा।

फिर आगे बढ़ कर मैंने उस पर जीभ फेरी तो वो और मस्त हो गया। फिर बीच-बीच में मैं अपने जीभ और होंठों से उसके लंड के सुपाडे को भी छेड़ रहा था।

अब वो मस्ती के चरम पर था उसके मुँह से सिसकारियाँ निकलने लगीं मैं पीछे हट गया। अब पासा पलट गया था, वो मुझे रिक्वेस्ट करने लगा।

मैंने कहा – अब तुम्हारी बारी है उसने थोड़े नखरे किये फिर मुँह में ले कर धीरे-धीरे चूसने लगा। अब शायद उसे भी अच्छा लग रहा था।

यह कहानी आप HotSexyStories.in  में पढ़ रहें हैं।

मैंने कहा – तेज़ चूसो प्लीज़। फिर लंड उपर कर के अपनी गोलियां उसके मुँह मैं डाल दी और मुठ मरने लगा, एक हाथ से उसका लंड पकड़ लिया। बहुत मस्ती छा रही थी।

अब मेरा दिल 69 पोज में चूसने का कर रहा था। वेसे भी मुझे 69 बहुत पसंद है। मेरा निकलने वाला था।

मैंने उसे बताया नहीं दोबारा लंड उसके मुँह में डाल दिया खुद भी हिल-हिल कर धक्के मारने लगा। पूरा लंड गिला हो गया।

मेरा लंड उसके गले तक जा रहा था तभी मैंने उसके मुँह में पिचकारी मार दी। पहले उसे पता नहीं चला शायद, फिर वो नाराज़ होने का नाटक करने लगा। कुछ उसने थूक दिया, कुछ निगल गया।

मुझे फिर भी बहुत मज़ा आया। मैंने पैसे निकाले और उसे देने लगा। वो बोला – मेरा भी काम कर दो प्लीज़, चूस दो।

मैंने कहाँ पैसे चूसने के है चुस्वाने के नहीं। वो उदास हो कर बोला – चलो ठीक है, पैसे मत देना, चूस दो।

मैंने फिर नखरे मारे – यार, मेरा निकलने के बाद मूड नहीं बनता, तुम पैसे ले लो। पर वो पूरा मूड मैं था, मेरा गीला लंड पकड़ कर मसलने लगा।

प्लीज़-प्लीज़ – उसने कहा। एस मत करो, यार।

मैंने कहा – मेरा चाट कर साफ़ करो, दोबारा चूसो। मैं हैरान हो गया, अभी वो नाराज़ होने का नाटक कर रहा था और मेरे बोलते ही उसने मेरा लंड फिर से मुँह में डाल लिया।

मैंने अब उसे गाड़ी से बाहर कार की ओट मैं खड़ा किया, जैसे पेशाब कर रहा हो और खुद घुटनों के बल बैठ कर उसका लंड चूसने लगा।

मैंने उसे कहा – पैसे भी मिलेंगे पर मुँह में मत छोडना, मुझे पसंद नहीं है और जोर-जोर से चूसने लगा तभी उसने बता दिया कि उसका होने वाला है। अब मेरा छोड़ने का मन नहीं था।

मैंने भी पूरा माल पी लिया फिर उसका लंड चाटने लगा, मेरे होठों और जीभ पर उसका थोडा माल लगा था। फिर उठ कर मैंने उसे स्मूच किया, मुझे पता नहीं क्यों उस पर प्यार सा आ रहा था।

वो मुझ से उम्र मैं छोटा था उसने बताया कि उसने सेक्स पहली बार किया है। वो तैतालीस सेक्टर के पास एक बस्ती में रहता है और बुडैल में इलेक्ट्रिशियन का काम सीखता है।

मैंने थोड़ी देर उसे कार मैं घुमाया फिर उसके घर छोड़ने से पहले पांच सौ रुपए दिए। वो मना करने लगा। मैंने कहा – रख लो।

फिर वह अपना मोबाइल नम्बर दे कर चला गया।

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