भाई बहन का सेक्स

हेल्लो दोस्तो मै हाज़िर हूं एक नई कहानी के साथ जो मेरी बहन के द्वारा सुनाऊंगा ।
कॉलेज लाइफ में खूब लंड लिये. कॉलेज के बाद लंड नहीं मिला. मेरी सहेली ने सगे भाई बहन का सेक्स सुझाया. क्या हुआ जानने के लिए भाई बहन की चुदाई की कहानी में आपको मालूम चलेगा.

मेरा नाम नेहा है | मैं 18 वर्ष की हूँ. मेरे परिवार में हम 4 लोग हैं- मम्मी-पापा, मैं और मेरा बड़ा भाई विजय, जिसकी उम्र 21 वर्ष है |

आज मैं आप सबको बताना चाहती हूँ कि 16 – 21 साल की उम्र में लड़का हो, चाहे लड़की सभी को शरीर के कुछ गुप्त अंगो की वृद्धि होनी शुरू हो जाती है, और इन जवानी के लम्हो में शारीरिक सुख की मात्रा बहुत ज्यादा होती है | शरीर की संतुष्टि के लिए सेक्स चाहिए होता है. यह भाई बहन की चुदाई की कहानी इसी सच्चाई को दर्शाती है |

भाई बहम की चुदाई कहानी को शुरू करने से पहले मैं आपको अपने बारे में कुछ विशेष रूप से बताना चाहती हूँ कि ममेरी बॉडी का साइज या फिगर 32 24 36 का है | ऐसे फिगर को बनाये रखने के लिए कड़ी मेहनत की जरूरत करनी पड़ती है, School हो या कॉलेज सभी मुझ पर मरते थे या कह सकते है की मरे गांड मारने और बूर चोदने के लिए सभी उत्तेजित थे, यहाँ तक की कॉलेज के मास्टर भी मुझे गन्दी नजर से देखता था, कितने दिनों तक बचती इन जालिम दुनिया से अपनी भरी जवानी को…

जब मैं कॉलेज में एड्मिशन लिया उसके बाद कुछ महीनो के भीतर मैंने बहुत से लड़को को पटाया, उन्हें वह मुझे पटा रहे है पर उन्हें क्या मालूम अब मेरे से ये भरी जवानी का बोझ अकेले नहीं उठाया जा रहा था, उसके लिए कोई मेरी कामुकता, अन्तर्वासना, भरी जवानी को कोई रह दे दें, मैं जिन लड़को को पटाया था उनसे हमेशा खली सेक्शन में वो मेरी खूब चूची को दबाते, जिससे मुझे बहुत मजा आता था मेरे दोस्तों को मेरी चूची को दबाने में ज्यादा आनंद मिलता था |

कॉलेज में अपनी चूची ( बूब्स ) को दबवाकर बड़े-2 करवा लाया था, और सभी और लड़कियों को अपने चूची को दबवाने में ज़यादा ही आंनद मिलता है |

अब मेरी कॉलेज की पढ़ाई खत्म हो गयी, और मैं घर पर सारा समय व्यतीत करती हूँ, मेरे बड़े -2 चूची को दबाने वाला कोई नहीं रह गया था |

एक दिन की बात है मेरी सहेली मुझसे मिलने आई, मैंने अपनी सारी ब्यथा उससे कह डाली, उसने मजाक में मुझसे कहा तेरे पास तो बड़े लंड वाला तेरा 6 पैक वाला तेरा भाई तेरी ख्याल नहीं रखता है क्या? और उस समय मेरे दिमाग में एक मस्त आईडिया आया की क्यों न अपने भाई को पटाया जाये, ये सबसे बेहतर है |

मेरी सहेली अनिता की बाते मुझे अब ज्यादा उत्तेजित करने लगी, कैसे अपने 6 पैक वाले मजबूत, दमदार, सुडैल, पहलवान जैसे भाई को पटाने का प्लान बनाना शुरू कर दिया, मेरी सेक्सी बदन को देखकर बूढ़े मर्द के हथियार भी हल चलने के तैयार हो, भी ये तो मेरा भाई था , इसमें ज्यादा कठिनाई नहीं होगी |

भाई-बहन के रिश्ते ने कोई शक नहीं करता और ये शुद्ध रिश्ता है, किसी भी लड़की को आपने भाई पर डोरे मरना थोड़ा मुश्किल है, जिस प्रकार हम लड़किया सेक्स करना चाहती है उसी तरह लड़के भी सेक्स के लिए ब्याकुल होते है, हम जैसे लड़कियों को सेक्स थोड़ी देर के बाद चढ़ता है जबकि लड़को को सेक्स जल्दी चढ़ता है या जल्दी उत्तेजित है, जब मई कॉलेज में पढाई कर रही थी तो उस समय का तजुरबा अब काम आयेगा, क्योकि मैं उनकी कमजोरी जानती हूँ इसलिए लड़को को पटना मेरे लिए आसान है |

मुझे लंड चाहिए, मुझे लंड चाहिए, मुझे लंड चाहिए… और वो भी अपने बड़े भाई का लंड |

मेरे खुद की दुकान है और कभी कभी माँ घर से बाहर मलने किसी भी रिश्तेदार के यहाँ मिलने चली जाती है, हम लोग मीडल क्लास फैमिली से है, मेरे भाई का अभी कॉलेज के पूरे होने में दो साल बाकि था ये उस समय की बात है |

मेरे और विजय के एग्जाम हो चुके थे हम दोनों घर पर थे पिता जी दुकान पर थे और माँ किसी रिश्तेदार से मिलने घर से बाहर चली गई थी |

मैं घर पर बैठे-2 बोर हो रही थी और कॉलेज की यादें, की गई उन मस्तियों को यद् करके मेरा तन मन सेक्स करने को उत्तेजित हो रहा था | उस समय मैं अपने भाई को पटाने की बात अपनी सहेली अनिता से की और कहा मुझे अपने भाई को पटना है |

अनिता ने कुछ टिप्स दिए की कैसे तुम अपने भाई को पता सकती हो, अनिता की बाते सुनकर अपने भाई को पटना मुश्किल नहीं लग था और उसके बातो पर अमल करना शुरू कर दिया। …

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सगे भाई बहन का सेक्स…

 

पहला दिन:

सबसे पहली सीख थी गोल गले के शूट और गोल गले के टॉप्स के साथ स्कर्ट या जीन्स जीन्स पहनना शुरू किया, उसी दिन जब सुबह विजय बेड पर लेटता है उसी समय मई झाड़ू लेकर उसके कमरे में चली गई और मैं झुककर झाड़ू लगाने लग गई, मानो मेरे कपड़ो में से पूरा स्तन बाहर निकलने के लिए जंग कर हो, मैं जब झुक के झाड़ू लगा रही थी उस समय मेरा भाई मेरे स्तन को देख रहा था, मई भी जान बु बूझकर जितनी झुकती उतना जयादा बूब्स दिखाई देता, उस समय बड़े चूची हिल रही थी, शायद ये सब देखकर मेरे भाई की लैंड खड़ी हो गई हो गई हो |

दोपहर में हम दोनों टीवी देख रहे थे मई टीवी का रिमोट लेने के लिए उससे छिनने लगी, रिमोट लेते समय मेरे बड़े -2 चुचे हिल रहे थे, मेरा जब भरी स्तन उसके पीठ रगड़ हुई तो उसमेअलग से परिवर्तन हुआ जैसे उसे करंट सा लगा हो, सब प्लान के मुताबिक हो रहा था |

 

दूसरा दिन:

जब मैं पैसे लेने अपने भाई के कमरे पहुंची तो उसने पैसे देने साफ मन कर दिया, उस समय मेरे मन में एक आईडिया क्यों न इसकी गुलक तोड़ने की धमकी दी , मजाक में गुलक हाथ से गिरकर टूट गया, और मैं निचे झुककर पैसे इकठा करने लग गई और मेरा बड़ा भाई मेरे बूब्स पर नजर लगाये टका-टक देख रहा था, ये सब बाते मैं गौर से देख रही थी, लगी खड़ी हो रही थी |

उसी रात मम्मी किचेन में खाना बना रही थी और लाइट चली गई दोनों भाई-बहन पास में बैठकर टीवी देख रहे थे, लाइट जाने की वजह से मैं अपनी फ़ोन को खोजने लग गई तभी मेरी हाथ भाई के लंड पर चला गया, लंड खड़ा कर रखा था, मेरे हाथ को हटाने के लिये उसने मेरे बूब्स को पकड़ लिया, जब उसने पकड़ा तो फिर से उसे करंट जैसा महसूस हुआ और और उसका लैंड टाइट और बड़ा हो गया |

मैंने अपनी हाथ हटा लीमुझे जब एहसास हुआ की पिताजी दुकान से घर पर वापस आ गया, पिता जी ने लाइट के लिए रौशनी का इंतजाम किया, कुछ देर बाद लाइट आई सभी मिलकर खाना खाये और सोने चले गये

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तीसरा दिन:

जब मैं पढाई कर थी उस समय मेरा बड़ा भाई आया और पूछने लगा क्या पढ़ रही हो? कुछ पूछना हो तो बोलना बता दूँगा | ये अच्छा मौका कौन भला छोड़ना चाहेगा, मैंने मौका देखकर मौका पर चौका मर दिया और कुछ सवाल पूछने लग गई |

मेरे हाथ में नोटबुक देकर वह मुझे समझाने लग गया, मौका देखकर मेरी जांघो को सहलाता और मेरे गुप्त अंगो को छूने की कोशिश कर रहा था और दर इस बैठत से रहा था की न ले |

सवाल को पूरी तरह से बताने के बाद विजय अपने चला गया और कहा फिर भी कोई समस्या हो तो पूछ लेना ठीक है |

कुछ देर बाद मैं दूसरा सवाल पूछने के लिए अपने भाई के पास चली गई |

सवाल को समझाते हुये मेरे बूब्स छूने की कोशिश की, जब उससे रहा नहीं गया तब उसने मेरे बड़े चूची को मसलने लगा, मुझे अच्छा लग रहा था |

विजय भैया मेरी बड़ी-2 चूची को दबाकर खूब मज़ा ले रहे थे, मैं भी धीरे-2 गर्म हो रही थी, मुझे इतना आनद आ रहा था की मैं उसे रोकने की कोशिश भी नहीं की, अभी ज्यादा देर नहीं हुआ था की पिता जी की गाड़ी की आवाज आने की आहात लगी, दोनों पहले की तरह हो गए जैसे कुछ हुआ ही नहीं हो |

पिताजी दुकान पर और माँ खेत में चली गई, भाई बहन सेक्स करने के लिए सबसे अच्छा अवसर था | मैं जब किचेन में कुछ करने गई तभी अवसर देखकर भैया किचेन में चले गए और पीछे से पकड़कर मेरे चूची को दबाने ला ग गये, मेरी सेक्स पावर बढ़ने लगी, अब मेरे से रहा नहीं गया और पीछे मुड़कर विजय भैया के होठों को चूसने लगी |

दोनों एक दूसरे को जोर जोर से किश करने लगे, ये मेरे भाई के लिए फर्स्ट टाइम था, दोनों लगभग 10 मिनट तक किस्स करने में लगे रहे |

फिर मुझे गोद में लेकर उठा लिया और मखमल वाले बेड पर लेकर चला गया और वह भी किस्स करने लग गया, किस्स करने के बाद उसने मेरे शूट को उतरने से पहले खूब दबाया, उसके बाद शूट को निकाला, ब्रा वैसे ही रहने दिया, शायद उसे ब्रा के ऊपर से चूची को दबाना अच्छा लग रहा हो,दबाने के साथ -2 चेतना भी शुरू कर दिया और मेरी ब्राभी गीली हो गई |

विजय भैया के जोर से चुकी को दबाने से मैं सिसकारियां लेने लगी- आह्ह … विक्रांत कोई आ जायेगा. बस करो … आह्हह… ओहह … रुको. मगर उन्होंने जरा भी रहम नहीं किया |

फिर मेरी सलवार खोल दी, सलवाल के भीतर रेड पेंटी पहन रखे थी, रेड ब्रा को उतर दिया, अब नंगी हो गयी, और दूध पीने लग गया और गुप्त अंग के बालो को सहलाने लग गया |

दूध को पीने के बाद भैया ने मेरी ढकी हुई चुत की रेड पेंटी को उतार के पूरा ही नंगा कर दिया जैसे गन्दी फिल्मो में होता है, नंगे करने के बाद छूट को चाटने और उंगली करने में शुरू हो गये |

मैं तड़प उठी सेक्स के लिए दोनों जी भर के मजे किये और अपनी सहेली अनीता के बारे में सोचने लगी वो भी खूब मजे करती होगी। …

 

अगला पार्ट जल्द आयेगा भाई-बहन सेक्स 2 comming soon …

 

 

 

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