भाई बहन की शादी और सुहागरात की कहानी Part 1

Brother Sister Marriage & Suhagraat Ki kahnai part 1…

 हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम आरव है और मेरी इस साईट पर ये पहली स्टोरी है. इस कहानी में आपको बताऊंगा कि कैसे मेरी शादी मेरी ही बहन से हुई? तो अब में आपको शुरुआत से बताता हूँ कि ये सब कैसे स्टार्ट हुआ? में पहले मेरी माँ और बहन के साथ बेंगलुरु में ही रहता था और मेरे पापा की मौत हो गई थी, हमारा एक छोटा सा बिजनेस था और कोई रिश्तेदार हमारी मदद के लिए आगे नहीं आया तो माँ ही पापा के बाद उसे संभालती थी.  Brother Sister Marriage & Suhagraat Ki kahnai…

जब मेरी पढ़ाई पूरी हुई तो मेरी दिल्ली में जॉब लग गई और में दिल्ली आ गया. उस टाइम मेरी बहन 12वीं क्लास में थी, उसका नाम गीता है और उसका कलर फेयर था और बॉडी भी अच्छी मैंनटेन थी और उसका फिगर बहुत अच्छा था, वो स्कूल ड्रेस में स्कर्ट पहनती थी और जब भी में उसे स्कूल छोड़ने जाता था तो सभी लड़कों की नज़र उसकी तरफ होती थी, लेकिन वो किसी को घास नहीं डालती थी. मैंने उसके लिए कभी गलत नहीं सोचा था और वो भी मुझे भाई के जैसे ही प्यार करती थी.

फिर दिल्ली आने के बाद मेरी जॉब अच्छी चल रही थी और मुझे यहां 2 साल हो गये थे. फिर मैंने यहाँ पर फ्लैट लिया हुआ है और जब बेंगलोर में हमारा बिजनेस बंद होने को था तो मैंने माँ को कॉल करके कहा कि वो दोनों दिल्ली ही आ जाए, क्योंकि अब मेरी बहन ने भी 12वी क्लास पूरी कर ली थी.

फिर मैंने कहा कि में उसकी एडमिशन यहीं पर ही करवा दूंगा तो माँ मान गई और उन्होंने वहाँ पर सब कुछ बेच दिया. फिर मैंने उनकी ट्रेन की टिकट भी बुक करवा दी थी तो जब वो दिल्ली आए.

फिर में उन्हें लेने स्टेशन गया और अब में इतने टाईम के बाद उन्हें देखकर बहुत खुश हुआ, लेकिन जब मैंने अपनी बहन को देखा तो देखते ही रह गया, वो 2 साल में एकदम चेंज हो गई थी, उसके बूब्स, गांड और उसका फिगर चेंज हो गया था और कोई भी उसे देखता तो देखते ही रहता था.

फिर जब वो आई तो उस टाईम उसने पिंक टॉप और ब्लेक जीन्स पहनी हुई थी और वो पूरी मस्त हॉट लग रही थी. मुझे उसको देखकर फर्स्ट टाईम गलत सोच आई, लेकिन फिर मैंने अपने आपको संभाला और उसे हग किया और हम सब घर आ गये.

फिर मैंने कुछ दिन के बाद मेरी बहन का कॉलेज में एडमिशन करवा दिया और अब माँ ने भी सारा घर संभाल लिया था. में भी बहुत खुश था और हम सभी यहाँ बहुत मस्ती करते थे और लाईफ दोबारा से बहुत अच्छी हो गई थी. माँ और बहन भी यहाँ आने के बाद बहुत खुश थे, में और मेरी बहन बहुत अच्छे फ्रेंड बन गये थे. एक दिन माँ ने मुझसे कहा कि अब मुझे शादी कर लेनी चाहिए और उन्हें भी उनकी मदद के लिए कोई मिल जायेंगी. फिर मैंने माँ को मना नहीं किया और शादी के लिए हाँ कर दी.

फिर माँ बहुत खुश हुई, अब अगले दिन रविवार था तो माँ ने घर पर पंडित जी को बुला लिया और में उस टाइम घर पर ही था और बहन कोचिंग क्लास के लिए गई हुई थी. फिर पंडित जी ने मेरी कुंडली देखी और कुछ सोचने लग गये. यह कहानी आप HotSexyStories.in में पढ़ रहें हैं।   

माँ – क्या हुआ पंडित जी? कोई प्रॉब्लम है क्या?

पंडित – इसकी कुंडली ठीक नहीं है, ये लड़का बाहर की किसी लड़की से शादी नहीं कर सकता है और अगर करेगा तो ये ठीक नहीं रहेगा और इसे कुछ भी हो सकता है.

माँ – इसका कोई रास्ता तो होगा ना. (माँ ने डरते हुए पूछा)

पंडित – इसका एक ही रास्ता है कि इसकी शादी आप अपने ही परिवार में किसी से कर दो, तभी इसके लिए ठीक रहेगा और ये खुश भी रहेगा.

माँ – लेकिन हमारी किसी रिलेटिव से नहीं बनती है तो ये कैसे संभव होगा? इसका कोई और रास्ता तो होगा. (अब माँ बहुत चिंतित हो गई थी)

तभी मेरी बहन कोचिंग से वापस घर आ गई, उसने फुल साइज फ्रॉक पहनी हुई थी और जो उसकी बॉडी से बिल्कुल फिट थी, वो एकदम हॉट लग रही थी. एक बार तो में भी उसे देखे जा रहा था और तभी उसने सभी को हैल्लो कहा और अपने रूम में चली गई.

पंडित – ये लड़की कौन है?

माँ – ये मेरी बेटी है और अभी कॉलेज में पढ़ाई कर रही है.

पंडित – तो आप अगर मेरी बात का बुरा ना माने तो आप इसकी शादी इस लड़की से ही क्यों नहीं करवा देती है? इससे आपकी बेटी भी हमेशा आपके साथ रहेगी और आपके बेटे को भी लाइफ में कोई प्रॉब्लम नहीं होगी और बाकी आपकी मर्जी, क्योंकि इसका कोई और रास्ता नहीं है तो आप आराम से सोच लेना और मुझे बता देना.

फिर पंडित जी चले गये और में और माँ अभी भी सोफे पर बैठे थे और कोई कुछ नहीं बोल रहा था.

में – माँ चिंता मत करो सब ठीक होगा और ये सब तो कहने की बातें है और में नहीं मानता इन्हें.

माँ – नहीं बेटा ऐसा नहीं होता है और मैंने पहले ही तुम्हारे पापा को खो दिया है और अब तुम्हें नहीं खोना चाहती, मुझे लगता है कि पंडित जी ठीक कह रहे थे.

में – लेकिन माँ वो मेरी बहन है और में ऐसा कैसे कर सकता हूँ? ये असंभव है.

माँ – प्लीज बेटा यहाँ हमें कोई नहीं जानता है तो कोई प्रॉब्लम भी नहीं होगी, प्लीज मेरे लिए मान जा और में तुम्हारी बहन से बात करती हूँ.

फिर माँ ने मुझे समझा कर मना लिया तो मैंने भी उन्हें हाँ कर दी. फिर उसके बाद माँ बहन के रूम में गई और अब में बाहर ही बैठा था, में दुखी भी था कि मुझे ऐसा करना पड़ेगा, लेकिन कहीं ना कहीं खुश भी था कि मुझे इतनी हॉट लड़की मिल रही है. फिर कुछ देर के बाद माँ बहन के रूम से बाहर आई और उन्होंने कहा कि वो मान गई है और अब माँ बहुत खुश लग रही थी, तभी में मेरी बहन के रूम में गया तो अब वो अजीब सा महसूस कर रही थी.

में – तुम खुश तो हो ना और अगर तुम्हें कोई प्रॉब्लम है तो तुम मुझे बता सकती हो.

गीता – नहीं भैया, आई एम वैरी हैप्पी मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है और में तो बहुत खुश हूँ कि में हमेशा आपके और माँ के साथ ही रहूंगी.

अब ये सुनकर में बहुत खुश हुआ और हम दोनों ने हग किया, लेकिन इस टाईम ये हग अलग था, उसके चेहरे पर एक स्माईल थी. फिर में बाहर आ गया और माँ अगले दिन पंडित के पास चली गई और उनसे शादी की तारीख ले ली.

फिर हमने डिसाइड किया कि हम शादी मॉर्निंग टाइम घर पर ही करेंगे और उसके बाद दिन में क्लोज फ्रेंड्स के साथ पार्टी कर लेंगे, जो यहाँ मेरे साथ दिल्ली में है और जिन्हें मेरे और बहन के बारे में नहीं पता है. उसके बाद हमने शादी की तैयारी शुरू कर दी और शॉपिंग करने लगे, अब शादी की तारीख बहन के एग्जाम के बाद की थी तो शादी का दिन आ गया और पंडित जी घर पर थे. अब में तैयार होकर उनके पास बैठा था और बहन रूम में तैयार हो रही थी.

फिर कुछ टाइम के बाद माँ गीता को लेकर आई, उसने शादी की लाल कलर का ड्रेस पहना हुआ था और वो किसी परी से कम नहीं लग रहीं थी, मेरी एक मिनट के लिए भी उससे नज़र नहीं हट रहीं थी. फिर शादी के बाद हम सीधे रिसेप्शन पार्टी की जगह पर चले गये, वहाँ पर मेरे और बहन के कुछ क्लोज फ्रेंड्स थे.

उसके बाद माँ, में और गीता घर आ गये. फिर मैंने देखा कि माँ ने मेरा रूम पूरा रूम सुहागरात के लिए सजाया हुआ था. फिर वो गीता को लेकर रूम में चली गई और अभी मैं बाहर ही था. फिर कुछ टाइम के बाद माँ रूम से बाहर आई और उन्होंने मुझे रूम में जाने के लिए कहा. फिर जब में रूम में जा रहा था तो मुझे थोड़ा अजीब सा भी महसूस हो रहा था और उत्तेजित भी था, क्योंकि यह सबके जैसी नॉर्मल सुहागरात नहीं थी और मेरी सगी बहन के साथ सुहागरात थी.  Brother Sister Marriage & Suhagraat Ki kahnai…

फिर में ख़ुशी में रूम में दाखिल हुआ और देखा कि क्या मस्त रूम और बेड को सजाया था? बेड को सारे फूलों से सजाया हुआ था और मेरी बहन वहाँ बेड पर लाल कलर की साड़ी पहनकर बैठी थी, वो उस साड़ी में क्या मस्त दिख रही थी? उसे देखकर में बहुत उत्तेजित हो गया था. फिर वो मुझे नहीं देख रही थी और में भी उसे नहीं देख रहा था, अब वो भी अजीब सा महसूस कर रही होगी. अब में बेड पर जाकर बैठा और गीता से बातें करने लगा.

में – गीता तुम इस शादी की ड्रेस में बहुत सुन्दर लग रही हो.

गीता – थैंक्स भैया.

में – अब मैं सिर्फ तेरा भैया ही नहीं तेरा पति भी हूँ.

गीता – हम्म.

में – फिर मैंने उसके हाथ को मेरे हाथ में लिया और पूछा कि क्या हुआ बेबी? तुम्हें अजीब सा महसूस हो रहा है क्या?

गीता – हाँ भैया अजीब सा तो होगा ही ना, लेकिन अब हम दोनों पति पत्नी है, मेरा मतलब अब हम इस फिलिंग का कुछ नहीं कर सकते है तो अब हमें अपनी सुहागरात करनी चाहिए.

फिर मेरी बहन की यह बात सुनकर में और ज़्यादा उत्तेजित हो गया और अब में समझ गया था कि वो भी सुहागरात एन्जॉय करने के लिए पूरी तरह से तैयार है. फिर मैंने गीता को मेरे पास लिया और उसे हग किया और बोला आई लव यू डार्लिंग लेट्स एन्जॉय और सुहागरात तो गीता ने भी मुझे हग कर लिया. फिर मैंने उसकी आँखों में देखा तो मुझे नशा सा लगने लगा.

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फिर मैंने पहले उसके गालों पर किस किया और फिर किस करते-करते मुझे पता ही नहीं चला कि कब मैंने उसके लिप्स को स्मूच करना शुरू कर दिया. अब वो भी मुझे अच्छे से रेस्पॉन्स दे रहीं थी, अब हम दोनों अपने स्मूच में खो गये थे. फिर मैंने स्मूच करते-करते उसके बूब्स पर हाथ लगाया तो गीता एकदम जैसे उसकी बॉडी में करंट आ गया हो तो वैसा उसको झटका लगा. फिर हमने स्मूच ब्रेक किया और अब में उसके बूब्स को महसूस कर रहा था.

गीता – भैया यह मेरा पहला स्मूच था, इट वाज़ ओसम भैया.

में – भैया नहीं, अब में तेरा पति हूँ और अब में उसकी साड़ी की पल्लू हटाकर उसके बूब्स को प्रेस कर रहा था.

गीता– हह्ह्ह भैया धीरे से करो, मुझे तो आपको भैया ही बोलना है और हमारे पास एन्जॉय करने के लिए सारी रात है.

अब में फिर से गीता को स्मूच करने लगा और अब में उसके बूब्स को ज़ोर-ज़ोर से दबा रहा था और मेरा उसके टाईट सेक्सी बूब्स से हाथ निकालने का मन नहीं हो रहा था, अब स्मूच करते-करते मैंने गीता के ब्लाउज के हुक निकाल दिए और उसने अंदर लाल ब्रा पहनी थी और लाल ब्रा में उसके बूब्स देखकर में पागल हो गया था. मैंने पहले कभी गीता को ऐसे नहीं देखा था. फिर मैंने उसकी ब्रा को भी निकाल दिया और उसके बूब्स चूसने लगा.

गीता – आह्ह्ह्ह भैया, धीरे करो दर्द हो रहा है.  Brother Sister Marriage & Suhagraat Ki Kahani part 1…

आगे की कहानी अगले भाग में पढ़े…

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