परिवार में सबके साथ चुदाई की कहानी – Family Me Sabke Sath Sex 2 | Final…

Family Me Sab ke Sath Sex 2, फिर मम्मी मेरे पास आ कर खड़ी हो गयी तो मैं दीदी के सर से थोड़ा हट गया। मैंने देखा मम्मी की आंखों में आंसू थे। मैंने मम्मी से पूछा…. Family Sex Kahani…

फिर मम्मी मेरे पास आ कर खड़ी हो गयी तो मैं दीदी के सर से थोड़ा हट गया। मैंने देखा मम्मी की आंखों में आंसू थे। मैंने मम्मी से पूछा क्या हुआ- तो कुछ नही बोली। मैंने अपना हाथ मम्मी के कंधे पर रखा, उन्हें चुप करवाने के लिए। तभी मम्मी की नज़र मेरे पाजामे में बने तंबू पर पड़ी।मम्मी मन मे सोचने लगी ( अब जब मैंने रांड बन ने का सोच ही लिया है तो क्यो ना अपने बेटे का लन्ड भी ले लू)यह सोचते सोचते मम्मी रोना बंद कर चुप हो गयी और अंताक्षरी में देखने लगी। फिर मम्मी एक दम से मुझ से चिपक कर खड़ी हो गयी, जैसे उसे कुछ पता ही नही। मेरा लन्ड खड़ा तो था ही, अब वो मम्मी की गाँड़ की साइड में लग रहा था। जिस से मुझे भी मजा आ रहा था। तभी मौसी अपनी चुदाई खत्म कर के आगे आ गयी वापिस, पापा और मौसा वैसे ही उसी सीट पर बैठे रहे। मम्मी मौसी को घूर घूर कर देख रही थी। मौसी मम्मी को देख कर हँस रही थी, जैसे मम्मी को चिढ़ा रही हो की मैं सबसे बड़ी रण्डी हूँ। फिर 2-3 गाने और चले, फिर सब अंताक्षरी बंद कर सब नाश्ता करने लगे।  family sex stories final part….

हमने रास्ते मे चंडीगढ़ हो कर जाना था, क्योकि हेमा मौसी की 2 बेटियां चंडीगढ़ में रहती थी, बड़ी बेटी अनमोल दीदी की शादी चड़ीगढ़ में हुई थी, और छोटी बेटी टीना चंडीगढ़ में पढ़ती थी, उन्हें लेना था चंडीगढ़ से, तो सबने कहा कि क्यों ना एक दिन चंडीगढ़ घूमा जाए, तो सब मान गए। साथ मे ये भी डिसाइड किया कि अनमोल दीदी के घर ना रुक कर सब होटल में ही रुकेंगे, क्योकि अनमोल दीदी के ससुराल में जॉइंट फैमिली थी और इतने जानो की रुकने की व्यवस्था भी मुश्किल थी। नाश्ता करने के बाद फिर ऐसे ही अंताक्षरी शुरू हो गई। पीछे की सीट अब खाली थी तो मैं और देव अब वापिस पीछे आकर बैठ गए। मैंने देव को उसकी माँ और मेरे बाप की चुदाई की बात बताई, तो वो हैरान रह गया सुन कर की उसकी माँ की चूत में कितनी आग है, जो उसने बस में ही चुदवा लिया। मैंने देव से कहा कि अब मैं भी मौसी को छोड़ कर ही रहूंगा, तो देव खुश हो गया और बोला- भाई, मम्मी तो कब से तुझसे चुदवाना चाहती है। बातें सुनी थी ना सुबह मम्मी की, मैंने कहा हाँ बस अब मौका मिलने दे। फिर मैं और देव पीछे की सीट पर नीचे मुँह कर के ऐसे बैठ गए, जैसे सबको लगे कि हम सो रहे है, ओर देव मेरे पाजामे के ऊपर से ही मेरा लन्ड दबाने लगा।

मैंने आपको अपनी पिछली कहानी “परिवार में सबके साथ धुंआधार चुदाई।” में बताया था की हम 35 लोग थे, छोटे बच्चे अलग है। अब मैं उन सबका शार्ट इंट्रो देता हूँ।

सबसे पहले मेरी सबसे बड़ी मौसी लता, उम्र 63 साल, बड़े चुचियों की मालकिन और पूरी रौबदार बड़े मौसा सूरी- 68 साल के, लेकिन पापा की तरह पूरे हट्टे कट्टे। उनकी बड़ी बेटी सोना दीदी 46 साल की, पूरी गदराई हुई, बड़े बड़े मुम्मे, हमेशा खुले गले के सूट पहनती है, जिसे उसके मुम्मे ऊपर से दिखते रहते है, उनका पति सुदीप 48 साल, वो भी पूरा हट्टा कट्टा है।

फिर बड़े मौसा की छोटी बेटी मोना दीदी 44 साल की, वो भी सोना दीदी की तरह मस्त गदराई हुई है, पर सोना दीदी से कम, उनका पति गौरव भी 44 साल का है, बॉडी बिल्डर है वो पूरा।

बड़े मौसी का बड़ा बेटा व्योमेश भैया 40 साल, वो भी पूरा तंदरुस्त है, उसकी पत्नी हिमांशी भाभी 39 साल थोड़ी मोटी है, बूब्स बड़े बड़े है और टाइट भी।

बड़ी मौसी का छोटा बेटा अनिल 39 साल का, पतला से, इसकी पत्नी सपना 36 साल की पतली पर बहुत ही सेक्सी।

फिर मेरी बड़ी मौसी जया विधवा 58 साल। उनका बेटा 37 साल सनी भैया, नार्मल दिखने वाला, उसकी पत्नी उमा भाभी 35 साल, वो भी नार्मल ही दिखती है।

मेरी मम्मी मधुबाला 56 साल की सेक्सी औरत उनके पति मेरे पापा अशोक 57 साल के, गबरू जवान, लम्बे लन्ड के मालिक।

मेरी दीदी दीपिका 35 साल, पूरे खानदान में सबसे गौरी और सबसे बड़ी मस्त गाँड़ की मालकिन।

मेरे जीजाजी विकास 36 साल के, जिन्होंने दीदी की गाँड़ मार मार कर इतनी बड़ी और मस्त कर दी।

उसके बाद मैं राजवीर 20 साल साल 9 इंच लन्ड। अब मैं 25 साल का हूँ।

छोटी मौसी हेमा 54 साल बड़े बूब्स गाँड़ की मालकिन।

छोटे मौसा प्रेम 56 साल।

छोटी मौसी की बड़ी बेटी अनमोल दीदी 33 साल की मस्त मौसी की तरह मोटे बूब्स वाली।

अनमोल दीदी के पति टिंकू 35 साल।

छोटी मौसी का बड़ा बेटा दीपक भैया 30 साल। दीपक भैया की पत्नी नाविका 28 साल, सेक्सी भरे जिस्म की मालकिन।

छोटी मौसी की छोटी बेटी टीना 25 साल।

छोटी मौसी का छोटा बेटा देव 19 साल।

बड़ी मामी मीनाक्षी विधवा 55 साल, मस्त बूब्स गाँड़, पर सांवली है।

बड़ी मामी का बेटा पवन भैया, 36 साल।

बड़ी मामी की बहू आकांशा 33 साल।

बड़ी मामी की बेटी प्राची दीदी 30 साल।

प्राची दीदी का पति सुमित 34 साल।

छोटे मामा सुरजीत 56 साल।मम्मी और छोटे मामा जुड़वा है।

सुरजीत मामा की पत्नी सुमित्रा 53 साल।

छोटे मामा की लड़की ग़ज़ल दीदी 31 साल।

ग़ज़ल दीदी के पति अंकित 33 साल।

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बाकी मेरे सभी कजिन के बच्चे भी है छोटे छोटे, जिनके इंट्रो की कोई जरूरत नही है।

अब सभी 35 से मैंने आपको शार्ट इंट्रो करवा दिया।

टीना दीदी, देव और मेरे अलावा सब मैरिड है।

पिछले पार्ट में मैंने आपको सबका इंट्रो करवा दिया अब आगे।  family sex stories final part….

सब अंताक्षरी खेल रहे थे और देव व मैं पीछे बैठे थे। देव पाजामे के ऊपर से ही मेरा लन्ड दबा रहा था। मैं भी मौसी की चुदाई को सोच कर देव से अपना लन्ड दबवा रहा था। देव और मैं ऐसे बैठे थे जैसे सो रहे हों। इतने में मुझे अनिल भैया और सोना दीदी पीछे आते हुए दिखे, तो मैंने देव का हाथ मेरे लन्ड से हटा दिया और हम सोने की एक्टिंग करने लगे। वो दोनों पीछे आकर बैठ गए, आप सब को पता ही है की बस के पीछे की सीट बड़ी होती है। वो आये तो उन्होंने देखा कि हम दोनों सो रहे है, तो अनिल भैया लेट गए और अपना सर सोना दीदी की गोद में रख लिया। वो जिस तरह से सीट के पीछे थे कि अनिल भैया का सर कोई नही देख सकता था। तभी सबसे बड़ी मौसी लता ने पूछा

लता मौसी- क्या हुआ अनिल बेटा, पीछे क्यो लेट गए।

अनिल भैया- मम्मी वो सर में दर्द था तो आया था, फिर दीदी ने कहा कि मैं दबा देती हूं तो पीछे आ गए।

लता मौसी- ठीक है बेटा।

फिर लता मौसी भी अंताक्षरी वाली साइड हो गयी। वैसे भी दोनों सगे भाई बहन है, शादीशुदा है तो किसी ने क्या शक करना।

5 मिनट बाद सोने की कोशिश करते हुए मुझे भी नींद आ गई, थोड़ी देर बाद देव ने आराम से मुझे उठाया, और मुँह पर ऊँगली रखते हुए चुप रहने का इशारा किया। फिर सोना दीदी की तरफ इशारा किया कि वो देख। जैसे ही मैंने दीदी वाली साइड देखा तो मेरी तो आँखें फटी ही रह गयी।

सोना दीदी ने लोअर टी शर्ट पहने हुए थे। अनिल भैया ने सोना दीदी की टी शर्ट ऊपर कर उसमे अपना मुँह घुसा रखा था, और सोना दीदी का हाथ अनिल भैया के लन्ड के पास पेंट के ऊपर ही था। फिर भैया थोड़ा सा घूमे और अपना मुँह दीदी के पाजामे के ऊपर चुत की तरफ लर गए। सोना दीदी अनिल भैया का सर दबाने लगी। तभी सोना दीदी के पति सुदीप जीजाजी भी पीछे की तरफ आने लगे, जिन्हें आते देख दीदी ने देख लिया और अनिल भैया को बता दिया। अनिल भैया फटाफट सीधे लेट गए, और आँखे बंद कर ली।

सुदीप जीजाजी- अनिल भैया को हिलाते हुए, क्या हुआ अनिल, सर सही हो गया क्या।

अनिल भैया(ऐसे नाटक करते हुए जैसे नींद से जागे हो)- हाँ जीजाजी, पहले से आराम है। दीदी ने सर दबा दिया था और मसाज भी कर दिया था।

सुदीप जीजाजी- हाँ, तुम्हारी बहन के हाथों में तो जादू है, मसाज ऐसे करती हि की पूरा शरीर ही तरोताजा हो जाता है। फिर जीजाजी भी वहीं बैठ गए।

हम पटियाला के पास पहुंच हए थे, दोपहर 1 बज गए थे। इतने में मामाजी ने बस एक ढाबे पर रोकने को कहा, की सभी थोड़ा फ्रेश हो लो। और ड्राइवर ने भी चाय के लिए कहा था। तो पटियाला से थोड़ा आगे राजपुरा रोड पर ड्राइवर ने एक ढाबे पर बस रोक दी। फिर सभी नीचे उतर गए। पर सोना दीदी और अनिल भैया नही उतरे।

सभी लेडीज, लेडीज वाशरूम की साइड चली गयी। ढाबे पर कई ट्रक ड्राइवर बैठे थे। वो तो लेडीज को देखते ही रह गए, दीपिका दीदी की गाँड़ जीन्स में से क्या कयामत ढा रही थी। ई

दीदी की गाँड़ देख कर तो वहां पर सभी मर्द अपना लन्ड मसलने लगे। मामाजी ने ढाबे वाले को सभी के लिए चाय बोल दी। देव और मैं थोड़ा साइड में चले गए, चुप कर सिगरेट पीने के लिए।

जब हम सिगरेट पीकर आये तो वाशरूम गए। इतने में सबके लिए चाय बन गयी, और सबने चाय ले ली। और सभी वहीं बैठ कर चाय पीने लगे, तभी मैंने देखा कि एक ट्रक ड्राइवर हेमा मौसी की तरफ कुछ इशारा कर रहा है। हेमा मौसी भी उसे इशारा कर रही थी। फिर वो ड्राइवर उठ कर कर एक ट्रक की तरफ चला गया और हेमा मौसी भी 2 मिनट बाद चाय पी कर, टहलते हुए उस तरफ चली गयी। तभी लता मौसी बोली कि सोना और अनिल नही आये चाय पीने। उन्हें बस में दे आयो। तो मुझे और देव को बोला कि उन्हें चाय दे आयो। मैं और देव उनकी चाय लेकर जैसे ही बस में घुसे तो हमे बस में कोई नही दिखा, हम वापिस मुड़े ही थे कि इतने में लास्ट से सीट से कुछ हिलने की आवाज आई। हम दोनों चुप चाप उधर देखने गए, तो देखा कि अनिल भैया नीचे बैठे है और सोना दीदी उनका लन्ड चूस रही है। ये देख कर हम दोनों स्तब्ध रह गए। सोना दीदी लन्ड ऐसे चूस रही थी जैसे आइस क्रीम हो, भैया खुद तो पतले थे पर भैया का लन्ड बहुत मोटा था, जिसे दीदी पूरा मुह खोल कर चूस रही थी। तभी अनिल भैया की नज़र हम पर पड़ी, तो वो हड़बड़ा गए, हम वहाँ चाय रखकर जल्दी से बाहर आ गए। हेमा मौसी जिस ट्रक की तरफ गयी थी हम भी उसी ट्रक की तरफ चले गए और अपनी चाय पीने लगे और चुपके से ट्रक में देखने लगे तो देखा ट्रक वाले ने हेमा मौसी को घोड़ी बना रखा है और पीछे से मौसी की चूत पेल रहा है। मौसी भी मज़े से चुदवा रही है, इतने में ट्रक वाले का पानी निकल गया और वो शांत हो गया और सीट पर बैठ गया। यह देख मौसी को गुस्सा आया और उसे गालियाँ देने लगी- साले मादरचोद जब लन्ड में दम नही था तो क्यो इशारे कर रहा था रण्डी की औलाद, तेरी बीवी किसी और से ही चुदती होगी भड़वे, तू तो 10 धक्कों में ही गया, तेरे पीछे से तेरी बीवी अपने यारों से चुदती हागी बहन चोद। फिर गालिया देती हुई मौसी ट्रक से उतर गयी। हम भी बस की और आ गए।

आगे की कहानी मजे से पढ़ें….

जब हम बस की तरफ आये तो हमने देखा कि सुदीप जीजाजी बस में चढ़ रहे है। तो हम बस के पीछे खड़े हो गए। जहाँ लास्ट वाली सीट पर सोना दीदी और अनिल भैया बैठे चाय पी रहे थे। सुदीप जीजाजी उनके पास गए और पूछा चाय पी ली, तो सोना दीदी डरी हुई कि बोली।

सोना दीदी- नही

सुदीप जीजाजी- इतनी डरी हुई क्यो हो? क्या हुआ

अनिल भैया- जीजाजी, एक पंगा हो गया।

सुदीप जीजाजी- क्या हुआ?

सोना दीदी- मैं अनिल का लन्ड चूस रही थी, तभी राजवीर और देव आ गए और उन्होंने हमें देख लिया।

सुदीप जीजाजी( गुस्से में)- तुम लोगों को मैंने कहा था ना कि हरिद्वार पहुँच कर हम एक चारों एक ही रूम में चुदाई करेंगे। पर तुम भाई बहन में आग ही बहुत है, अनिल तुम 15 सालो से इस सोना रण्डी को चोद रहे हो। फिर भी तुम में सब्र नहीं है।

अनिल भैया- जीजाजी, हमने कुछ नही करना था, वो तो मामाजी ने बस रुकवा दी इसलिए आग भड़क गई, जब से मेरी शादी हुई है, दीदी को चोदने का मौका ही नही मिलता, आपने भी तो अभी तक मेरी पत्नी सपना की नही पटाया। उसे पटा लेते तो फिर चारों मिलकर चुदाई करते

सुदीप जीजाजी- तुमको कहा था ना कि इस बार ऐसा प्लान बनाया है कि सपना खुद आकर कहेगी की मुझे चोदो।

सोना दीदी- वो तो ठीक है, पर अब देव और राजवीर का क्या करें।

सुदीप जीजाजी- वो तुम मुझ पर छोड़ दो, अब तुम दोनों भी बाहर आकर थोड़ा फ्रेश हो जाओ, फिर हमें निकलना भी है।

फिर तीनो बाहर आने लगे, तो मैं और देव वहाँ से निकल गए और साइड में जाकर छुपकर सिगरेट पीने लगें।

सुदीप जीजाजी ने हमे उस साइड जाते देख लिया। अनिल भैया और सोना दीदी वशरूम की तरफ चले गए और सुदीप जीजाजी हमारी वाली साइड आ गए और हमे सिगरेट पीते देखने लगे। हम दोनों को पता ही नही चला कि वो कब आ गए और हमे देख रहे है। एकदम से सुदीप जीजाजी ने आवाज़ लगाई- राजवीर

हमने आवाज़ वाली साइड देखा तो सुदीप जीजाजी को देख कर हमारी फट गई, क्योकि हमारे हाथ मे सिगरेट थी। और हम दोनों सबसे छोटे है, इसलिए हम सबसे डरते है। सबसे ज्यादा डर हमें लता मौसी से लगता था, वो बहुत ही रोबदार औरत है, वो पुलिस में एक बड़ी अधिकारी थी, और अभी भी उनकी पुलिस में बहुत चलती है। लता मौसी की अब कई मंत्रियों के साथ भी अच्छी जान-पहचान थी। लता मौसी से हम क्या बस में जितने भी लोग थे, यहाँ तक कि उनके पति सूरी मौसा भी बहुत डरते थे उनसे।

जीजाजी को देखते ही हमने सिगरेट फैंक दी। जीजाजी हमारी तरफ आते हुए, हमारी तो गाँड़ फटने लगी कि अब क्या होगा, अगर जीजाजी ने लता मौसी को बता दिया तो। जीजाजी हमारे पास आये और हमे धमकाने लगे कि चलो सबको तुम्हारी शिकायत मम्मी (लता मौसी, जो जीजाजी की सास है) से लगाता हूँ। हम जीजाजी के सामने रोने लगे कि प्लीज जीजाजी, लता मौसी को कुछ मत बताओ। और भी किसी को मत बताना नही तो हमे बहुत मार पड़ेगी, पहले तो जीजाजी नही माने, फिर बोले चुप हो जायो। फिर जीजाजी ने अपना फ़ोन निकाल कर किसी को कॉल किया और उसे कहा कि इस तरफ जायो।हम डरने लगे कि किसको बुलाया है जीजाजी ने। तभी सोना दीदी और अनिल भैया वहां आ गए, तो जीजाजी बोले इन दोनों को छुप कर देखने की बहुत आदत है ना, आज मैंने इनको पकड़ा है सिगरेट पीते हुए, ये रहा सबूत, तो सोना दीदी बोली कि चलो सबको बताते है।

हम डर गए और रोने लगे, और कहा कि प्लीज् किसी को मत बतायो, आप जो कहोगे हम वो करेंगे। फिर वो बोले ठीक है, अभी तो कुछ नही करना, पर जो भी तुम लोगो ने आज बस में देखा अगर वो किसी को बताया तो फिर तुम देखना की हम तुम्हारा क्या हाल करते है।

हमने कहा ठीक है हम किसी को कुछ नही बताएंगे।

इतने में मामाजी ने सबको आवाज़ दी कि आ जायो चले, हमने देखा तो सब वापिस बस में चढ़ रहे थे। हम भी बस में चढ़ गये। देव और मैं डरे हुए थे, और पीछे की सीट पर जाकर बैठ गए। अब अपनी आपनी बातों में लगे हुए थे, बस मैं और देव चुपचाप बैठे थे। फिर सुदीप जीजाजी, सोना दीदी और अनिल भैया हमारे पास आ कर बैठ गये।

सुदीप जीजाजी- राजवीर, फिक्र मत करो। हम किसी से कुछ नहीं कहेंगे और तुम भी किसी से कुछ मत कहना।

राजवीर- जी जीजाजी, हम किसी को कुछ नहीं बोलेंगे।

मेरे इतना बोलते ही सोना दीदी ने मुझे अपने गले लगा लिया। मेरा सर दीदी के मोटे मुममे पर दब रहा था, पर मुझे अभी भी डर लग रहा था इसलिये मैंने ऐसा कुछ नही सोचा। फिर सोना दीदी मेरे सर पर हाथ फेरने लगी और मुझे अपने सीने में और दबा लिया, जिस से मेरे सर से सोना दीदी के बूब्स पूरी तरह से दब रहे थे।अब मेरे लन्ड में भी तनाव आना शुरू हो गया।

अब मेरा डर भी निकल गया था। फिर सोना दीदी ने मेरे गाल पर किस किया, और हमारे साथ बैठ गयी। अनिल भैया ने मुझे और देव को 1000 रु. का एक एक नोट दोनो को दिया और कहा। ये रखो, मजे करो।

और चाहिए हो तो और मांग लेना। अब हमारे मन से डर बिल्कुल निकल गया था। हमने उन तीनों को थैंक्स कहा। फिर देव और मैं गाना गाने लगे, जिसमे सभी हमारे साथ देने लगे। फिर ऐसे ही गाने गाते गाते हम चंडीगढ़ पहुंच गए।

अब जब हम चंडीगढ़ पहुंचे तो दोपहर 3 बज रहे थे, हमने सीधा अनमोल दीदी के घर गए, क्योकि टीना दीदी भी वहीं आ गयी थी। उनके घर पहुंचे तो हमने उन लोगो को बाहर ही बुला लिया। तो अनमोल दीदी, टिंकू जीजाजी, उनकी बेटी और टीना दीदी बाहर ही आ गए और बस में बैठ गए। दोनों बहने अपनी माँ की तरह उनके भी चुचियाँ बहुत बड़ीऔर बहुत टाइट थी, टीना दीदी की शादी को 10 साल हो गए थे, और टीना दीदी तो स्कूल टाइम से ही होस्टल में ही रहती थी, इसलिए उन से मिलना बहुत कम हुआ था, मैं जब मौसी के घर जाता था, तब भी वह होस्टल में होती थी। जब हम उनको लेने पहुंचे तो उसको देखते ही लन्ड पाजामे से बाहर आने लगा।

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टीना दीदी की उम्र 25 साल, कुंवारी, 36d-30-36 अपनी माँ की तरह गौरा रंग, लंबी हाइट। उसने टाइट जीन्स और टाइट शार्ट पिंक स्लीवलेस टॉप पहना था, जिसमे उसकी चुचिया बहुत बड़ी लग रही थी, जब वो सबसे मिली और मुझसे भी मिली गले लग कर, मैं तो बस उसको देखता रह गया, जो उसने मेरे गाल पकड़ कर खींचा, तब होश आया। देव जब उस से मिला तो देव ने टीना दीदी को उठा लिया, जिस से टीना दीदी की चुच्चिया देव के मुह पर और देव के हाथ टीना दीदी की गाँड़ पर थे। अनमोल दीदी 38d बूब्स, वो भी सबसे मिली, वो मुझे भी गले लग कर मिली, उनकी चुचिया मेरे सीने में दब गयी, क्या बड़ी बड़ी टाइट चुचियाँ थी। फिर टिंकू जीजाजी भी सबसे मीले। जब सबसे मिलने के बाद, सबने उन तीनो को बताया कि आज हम चंडीगढ़ ही रुकने वाले है और टिंकू जीजाजी से कहा कि आपने ही हम सबको घूमाना है, तो वो मान गए। फिर सबने होटल जाते जाते डिसाइड किया कि वाटर पार्क चलेंगे सभी।

फिर हम सब होटल गए। वहाँ कमरे ले लिए, जो 3-3 के जोड़े में अटैच थे और सब अपने अपने कमरो में फ्रेश होने चले गए। मैं मम्मी पापा दीदी जीजाजी अपने बेटे के साथ एक कमरे में थे। जब मैं फ्रेश होने वाशरूम में गया तो मुझे बाहर से मम्मी-पापा के लड़ने की आवाज आने लगी, तब दीदी जीजाजी मेरे भांजे के साथ कुछ सामान लेने गए थे नीचे।

मम्मी- आपको शर्म नहीं आती, आप जहां देखो वहीं चुदाई करने लग जाते हो और जो मिले उसी से चुदाई करते हो।

पापा- मुझे तो नई नई चुत मारने में मजा आता है जान, अब तेरी चुत में वो बात नही रही।

मम्मी- तो मेरी चुत की ऐसी हालत भी तो आपने ही कि है, दिन में तीन तीन बार चुत मारोगे तो यही हाल होगा चुत का। फिर गाँड़ मार मार के आपने मेरी गाँड़ की हालत भी ऐसी कर दी। अब तो आप रंडियां भी रोज चोदने लगे हो, बन्द करो ये हरकते।

पापा- क्या करूं जान, लन्ड मानता ही नही।

फिर पापा ने लन्ड निकाल लिया बाहर ओर बोले, जान एक बार चूस तो दे, मन कर रहा है।

मम्मी(गुस्से में)- बस सेक्स की पड़ी रहती है हमेशा, अब बुड्ढे हो गए हो, कुछ तो शर्म किया करो।

पापा- बूढ़ी होगी तू, मैं तो आज भी जवान लड़कियों की संतुष्टि करवा सकता हूँ। तू हो गयी बूढ़ी तभी तो अब तेरी चुत नही मारता मैं, मेरे लन्ड में दम है, तेरी चुत में नही।

मम्मी( भडकते हुए)- मैं कोई बूढ़ी नही हूँ, जवान लड़के अभी भी मेरे दीवाने है, अब आप सुधर जाओ, वरना मैं भी आपकी तरह जहां मौका मिला चुदवाने लग जाऊंगी।

पापा- जा जिस से मर्जी चुदवा, अपनी बहन हेमा से भी बड़ी रण्डी बन, मुझे कोई फर्क नही पड़ता।

मम्मी- अब देखना आपके सामने ही रोज नए नए लन्ड लुंगी।

पापा- जा ले ले, बन जा रांड।

तभी गेट पर नॉक हुआ, पापा ने गेट खोला तो मामाजी आये थे पूछने की हो गए तैयार, पापा ने बोला 5 मिनट।

फिर मैं भी वाशरूम से बाहर आ गया। 10 मिनट में हम सब तैयार हो कर नीचे बस के पास चले गए। 5 मिनट में सभी बस के में आ गए। क्योकि वाटरपार्क जाना था तो सबने नार्मल कपड़े पजामा या निक्कर टीशर्ट ही पहने थे, लेडीज मम्मी, मौसियां, मामियो ने सूट पहने हुए थे।

आगे की कहानी मजे से पढ़ें….

फिर हम वाटर पार्क के लिए निकल गए। वहां पर हमने टिकट ली और अंदर गए। हम कॉस्ट्यूम रूम में गये और सभी ने अपने कॉस्ट्यूम ले लिए और चेंज करने चले गए। सभी जेंट्स जेंट्स चेंजिंग रूम में और लेडीज लेडीज चेंजिंग रूम मे चली गयी। हम सभी जेंट्स अपने कॉस्ट्यूम पहन कर बाहर आ गए और लेडीज रूम के बाहर सबका इंतेजार करने लगे। तभी सबसे पहले टीना दीदी और नाविक भाभी बाहर आई, वाओ क्या कयामत लग रही थी वो कॉस्ट्यूम में, उनकी गौरी गौरी जाँघे, मोटी गाँड़ मुम्मे, उनके मुम्मे कॉस्ट्यूम से बाहर आ रहे थे।

फिर मामाजी की बेटी प्राची बाहर आई, वो भी बम्ब लग रही थी। फिर ग़ज़ल बाहर आई तो उसके मुम्मे भी कॉस्ट्यूम से बाहर आ रहे थे।

इतने में मेरी जान मेरी सगी दीदी दीपिका बाहर आई, दीदी की मोटी गौरी गाँड़ कॉस्ट्यूम से बाहर दिख रही थी, दीदी की गाँड़ बहुत बड़ी थी, जिसे देख कर मेरा मन किया कि अभी चोद दूँ। पापा, मौसा, मामा और मेरे सभी भाई, जीजा दीदी की गाँड़ देख रहे थे, दीदी की गाँड़ देख सभी के लन्ड खड़े हो गए। दीदी की गाँड़ देख वहाँ और भी जो लड़के वाटर पार्क आये हुए थे, वो भी देखने के लिए वही रुक गए।

फिर सोना दीदी, मोना दीदी और हिमांशी भाभी बाहर आई, तीनो के बूब्स कॉस्ट्यूम से बाहर आ रहे थे। सपना भाभी और उमा भाभी के बिल्कुल फिट थे कॉस्ट्यूम, अनमोल दीदी के बूब्स और गाँड़ भी कॉस्ट्यूम से बाहर दिख रहे थे।

सब की सब पटाखा लग रही थी, वाटर पार्क में वहां आते जाते सब मेरी बहनो भाभियो को ही घूर रहे थे, कोई गाँड़ देख रहा था तो कोई मुम्मे।

तभी सबसे बड़ी रण्डी हेमा मौसी बाहर आई उसके बूब्स तो कॉस्ट्यूम से बाहर ही आ रहे थे

लेकिन अब तक मम्मी दोनो मौसिया, दोनो मामीयां कॉस्ट्यूम पहन कर बाहर नही आई तो दीदी बुलाने गयी, जब दीदी उन्हें बुलाने के लिए चेंजिंग रूम में जा रही थी, तो पीछे से उनकी गाँड़ देखते ही मैं पागल हो गया, उनकी कॉस्ट्यूम से सिर्फ उनकी गाँड़ की मोरी ढकी हुई थी, बाकी उनकी मोटी गाँड़ पूरी बाहर दिख रही थी। क्या गाँड़ है दीदी की, मेरा तो दिल कर रहा था कहा जाऊं दीदी की गाँड़। फिर दीदी अंदर पहुंच गई, अंदर से सब दीदी के साथ बाहर आई तो उन्होंने कॉस्ट्यूम नही पहने थे। उन्होंने अपने अपने पतियों को बोला की कॉस्ट्यूम्स बहुत छोटे है, उनकी मुम्मे और गाँड़ नही छुप रहे इसमे, वो ऐसे जो सूट पहन है उसी सूट में ही नहा लेंगी। फिर वो ऐसे ही नहाने लगी, तो वाटर पार्क वालो ने उन्हें रोक दिया, और कॉस्ट्यूम पहन ने को कहा। पहले तो वो

नही मानी, फिर उनके पतियों ने और रण्डी मौसी हेमा ने उनको समझाया, फिर जब उन्होंने देखा कि वहां पर सभी मोटी पतली बूढ़ी जवान कॉस्ट्यूम में है, और सबकी गाँड़ ओर मुम्मे ऐसे ही दिख रहे है तो तैयार हो गयी पहनने को। फिर वो कॉस्ट्यूम पहन ने चली गयी और हम बाहर खड़े उनका इंतज़ार करने लगे।

मैं दीपिका दीदी के पीछे खड़ा था और उनकी गाँड़ को ही घूर रहा था। मेरा खड़ा लन्ड कॉस्ट्यूम में साफ दिख रहा था। जिस पर मेरे सगे जीजाजी विकास की नज़र पड़ी, जो मेरे साथ ही खड़े थे। जीजाजी ने देखा कि मैं दीदी की गाँड़ देख रहा हूँ, तो वो समझ गए कि मेरा लन्ड क्यों खड़ा है।

तभी मेरा ध्यान जीजाजी की तरफ गया, की वो मुझे, मेरे खड़े लन्ड को और दीदी की गाँड़ को देख रहे है। तभी जीजाजी से मेरी आँखें मिली, तो मेरी फट गई, पर जीजाजी हल्के से मुस्कुरा दिए और मुझे आँख मार दी। मैं दूसरी तरफ देखने लगा, तभी दीदी एक दम से थोड़ा पीछे हुई तो मेरा खड़ा लन्ड उनकी नंगी गाँड़ पर लगा और मेरे हाथ भी उनकी गाँड़ पर लगा। मैं हड़बड़ा गया और पीछे होने लगा तो टीना दीदी मेरे पीछे थी, तो मैं पीछे नही हो पाया ओर वैसे ही खड़ा रहा। मेरे हाथ दीदी की नंगी गाँड़ पर लग रहे थे, पर दीदी इस बात से बेखबर थी। मुझे बहुत अच्छा महसूस हो रहा था।

तभी मीनाक्षी मामी कॉस्ट्यूम पहन कर बाहर आई तो सब देखते ही रह गये, उनके साँवले जिस्म पर सफेद कॉस्ट्यूम, जिसमे से उनकी चुचिया और गाँड़ उसे फाड़ कर बाहर आने को आतुर थे। बिल्कुल रांड लग रही थी वो। फिर दीदी भी थोड़ा आगे हो गयी। अब मुझसे टच नही हो रहे थी दीदी।

फिर बड़ी मौसी जया बाहर आई, जिसके कॉस्ट्यूम बिल्कुल फिट था, नार्मल फिगर है उस मौसी का।

फिर सुमित्रा मामी बाहर आई, उसके भी सही फिट था कॉस्ट्यूम।

फिर सबसे बड़ी मौसी लता लाल कॉस्ट्यूम में बाहर आई तो उसको तो देखते ही रह गए सभी, वहां के गार्ड भी उसके घूर रहे थे, कॉस्ट्यूम से उसकी चुचियाँ की सिर्फ निप्पल तक ही ढक रहे थे, बाकी चुचियाँ बाहर ही थी, और गाँड़ भी सारी बाहर थी मौसी की, बस आगे से चुत ढकी हुई थी

उसके बाद जब मम्मी बाहर आई तो उसको भी सब देखते रह गए, मम्मी के कॉस्टूयम में से उसकी गाँड़ और चुत पूरी ढकी हुई थी, पर मम्मी के मुम्मे यहां तक कि मम्मी की निप्पल्स भी ढंग से नही ढकी थी। मम्मी पापा को धीरे से बोली आज मैं हेमा से भी बड़ी रण्डी बनूँगी, पापा हँस दिए। हम सब अभी वहीं खड़े थे, और वाटर पार्क में सब लोगों की नज़र हमारे परिवार की औरतों पर थी, सब एक से बढ़कर एक पटाखा लग रही थी। तभी एक आदमी से कंट्रोल नही हुआ और वो वहीं सबके सामने अपना लन्ड निकाल कर हिलाने लगा, तो सिक्योरिटी वालों ने उसे बाहर निकाला।

फिर हम सब पानी मे गए और नहाने लगे। जैसे ही वो सब गीली हुई तो सभी और सेक्सी लगने लगी। मैं और देव ऊपर स्लाइड लेने गए तो ऊपर से हमने देखा कि वाटरपार्क में बहुत भीड़ थी, और वहां जितने भी मर्द थे, सभी हमारे घर की औरतों को घूर घूर कर देख रहे थे, लेकिन हमारे घर की औरते किसी भी गैर मर्द की तरफ आंख उठा कर भी नही देख रही थी और अपने अपने पतियों के साथ नहा रही थी। पर मेरी हेमा मौसी जो रण्डी है, मेरी मम्मी जो उस दिन पापा को बोल के आयी थी कि अब मैं भी आपके सामने दूसरे लोगों से चुदूँगी, प्राची दीदी, ग़ज़ल दीदी, जो शादी से पहले भी कई लड़को के लन्ड ले चुकी थी और अब भी कई लड़को के लन्ड लेती है। हिमांशी भाभी जो चालू माल है और कई बार पकड़ी भी गयी है चुदते हुए, क्योकि उनकी सास यानी मेरी लता मौसी पंजाब में अपने शहर की दबंग महिला है और सारा शहर उनके परिवार को जनता है और उनसे डरता है। इसलिए हिमांशी भाभी को कोई न कोई देख लेता तो पकड़ी जाती। इस बार मौसी ने उसे साफ कह दिया था कि अगर अब तूने कुछ ऐसा किया तो मैं तेरा बहुत बुरा हाल करूंगी। ये सभी वहाँ पराये मर्दो को देख रही थी, औऱ उनके कॉस्ट्यूम में बने टेंट को भी देख रही थी। इनके पतियों को भी पता था कि उनकी पत्नियाँ कितनी बड़ी रंडियां है, इसलिए वो भी अपनी पत्नियों के साथ ही नहा रहे थे और अपनी पत्नियों का ध्यान भी रख रहे थे कि रंडियाँ यही किसी से चुदने न बैठ जाये।

टीना दीदी, मीनाक्षी मामी, जया मौसी, ये तीनो अपना अलग नहा रही थी।

हमारे खानदान की सबसे बड़ी रण्डी हेमा कहाँ मानने वाली थी, वो तो वहाँ भी नया लन्ड लेने के चक्कर मे थी। एक लड़का लगभग 18 साल का मौसी को ज्यादा ही घूर रहा था, तो मौसी की नज़र भी उस पर पड़ी। मौसी ने उसे स्माइल करते हुए अपने बूब्स पर हाथ रखा तो वो लड़का और उत्तेजित हो गया, उसने अपने लन्ड पर हाथ रखा तो मौसी ने उसे फ्लाइंग किस दी। फिर मौसी ने मौसा के कान में कुछ कहा तो मौसा ने भी उस लड़के की ओर देख कर स्माइल किया और लड़के को इशारे से अपनी तरफ बुलाया। लड़का उनकी तरफ बढ़ने लगा, तो हम भी स्लाइड से नीचे आ गए। जब तक वो लड़का उनके पास पहुंच तब तक हम भी नीचे पहुंच गए, और उनके थोड़ा करीब जाकर उनकी बातें सुन ने लगे। नाम तो लड़के का पता नही चला हमे, क्योकि हमारे पहुंचने से पहले वो अपना नाम बता चुका था।

मौसा- बेटा कौन कौन आया है तुम्हारे साथ।

लड़का- मम्मी ओर दीदी।

मौसी- बेटा वो कहाँ है।

लड़के ने एक तरफ इशारा किया कि वो है।

हमने भी उस तरफ देखा तो एक लड़की 20 साल की खूबसूरत और एक आंटी 44 साल की नहा रही थी।

लड़की बहुत सुंदर थी, उसकी माँ तो मस्त पटाखा लग रही थी।

फिर मौसी ने मौसा को आंखों से कुछ इशारा किया।

मौसा(उस लड़के का हाथ पकड़ते हुए)- चलो बेटा स्लाइड लेने चलते है।

वाटरपार्क में कई स्लाइड्स थे, और सभी पति पत्नी आपस मे स्लाइड ले रहे थे। इसलिए वो तीनो जिस स्लाइड वाली साइड गए, उस स्लाइड में कोई नही जा रहा था, क्योकि वो सबसे बड़ा स्लाइड था और खतरनाख भी।

वो तीनो फिर ऊपर जाने लगे। हम भी उनके पीछे पीछे जाने लगे।

जब वो सीढिया चढ़ रहे थे, तो मौसी उस लड़के से चिपकने लगी। वो लड़का सहम रहा था।

मौसा- तुम दोनों चलो, मैं अभी आता हूँ। कह कर नीचे आने लगे। तो मैं और देव जल्दी से नीचे आकर थोड़ा साइड में हो गए। मौसा के निकलने के बाद हम जल्दी से ऊपर गए।

ऊपर पहुचे तो देखा मौसी उस लड़के से चिपकी हुई स्लाइड के पास खड़ी है।

मौसी- बेटा मुझे डर लगता है।

लड़का- इसमे डरना क्या, चलो मैं आपके अपने साथ ले चलता हूँ।

मौसी मान गई, फिर वो लड़का स्लाइड पर बैठा और मौसी को अपने आगे बैठने को कहा, तो मौसी सीधा उसके खड़े लन्ड ओर बैठ गई और उस लड़के के हाथ पकड़ कर अपनी चुचियों पर रख लिए। मौसी उसके हाथ अपनी चुचियों ओर दबाते हुए बोली की टाइट पकड़ो मुझे, तो उस लड़के ने मौसी की चुचियाँ दबा कर पकड़ ली और नीचे जाने लगा। उधर हमने नीचे देखा तो मौसा पापा के पास खड़े कुछ बात कर रहे थे। फिर मौसी जैसे ही नीचे पहुंची तो पापा और मौसा उनके पास गए, जैसे उन्ही का वेट कर रहे हो।

फिर उन्होंने लड़के को कुछ कहा, ओर वो रेस्टॉरेंट की तरफ जाने लगे। लड़का अपनी मम्मी ओर दीदी के पास गया, ओर उन्हें रेस्टॉरेंट की साइड ले गया। फिर हम दोनों भी नीचे आ गए। नीचे आये तो हमने रेस्टॉरेंट की साइड देखा तो मौसी मौसा पापा वो लड़का और उसकी मम्मी दीदी सभी आपस में बाते कर रहे थे, फिर मौसा उठकर चेंजिंग रूम में खुद वाले लाकर से कुछ निकाल कर लाये। वहां सेल्फ सर्विस थी तो मौसा और पापा जाकर 6 कोल्ड ड्रिंक लाये, ओर वहीं 2 कोल्ड ड्रिंक में कुछ मिला दिया। फिर वही 2 कोल्ड ड्रिंक उन माँ बेटी को दी।फिर तो हम वापिस जहां सब थे उधर आ गए।

मम्मी लड़को के खड़े लन्ड देख रही है, कई लड़के भी मम्मी को देख रहे थे और मम्मी को दिखाते हुए अपना लन्ड खुजा देते थे। पर मम्मी की हिम्मत नही हो रही थी की किसी को कोई इशारा करे।

बाकी सभी अपने अपने पतियों के साथ स्लाइड्स ले रही थी, बस ग़ज़ल दीदी ओर प्राची दीदी कभी एक दूसरे के पतियों के साथ तो कभी खुद के पतियों के साथ स्लाइड ले रही थी।

मैं और देव वापिस सबसे बड़े वाले स्लाइड लेने के लिए ऊपर जाने लगे तो फिर टीना दीदी ने देव को बोला कि मुझे भी बड़े वाले स्लाइड्स लेने है, मेरे साथ चल, तो देव जाने लगा, तभी मीनाक्षी मामी और जया मौसी ने भी कहा कि हमे भी जाना है बड़े वाला स्लाइड् लेने तो वो भी हमारे साथ हो चलने लगी। हम ऊपर गए, पहले मैंने जया मौसी को कहा नीचे जाने को तो वो डर रही थी, इसलिये देव उनके साथ जाने को तैयार हुआ। पहले मौसी बैठी स्लइड पर, उनके पीछे देव उनकी कमर में हाथ डाल कर बैठ गया, फिर वो दोनों नीचे चले गए सलाईड से। फिर टीना दीदी गयी स्लाइड से नीचे, फिर मैंने मीनाक्षी मामी को कहा जाने को तो वो बोली तू भी साथ चल जैसे देव गया है जया के साथ। मैंने मामी को स्लाइड पर बिठाया, पीछे से उनको पकड़ कर बैठ गया। जब मैंने मामी को पकड़ा तो मेरे हाथ उनके मुममों पर लगने लगे, ओर उनकी बड़ी गाँड़ तो मेरे लन्ड पर लग ही रही थी, मेरा लन्ड खड़ा हो गया, जो मामी को महसूस हो रहा था गाँड़ पर। तभी मामी थोड़ा सा पीछे हुई तो, मेरा लन्ड उनकी गाँड़ में पूरा दबने लगा। फिर हम नीचे जाने लगे, नीचे जाते हुए मैंने बैलेंस बनाने के बहाने हाथ सेट किया और मेरे हाथ मामी की चुचियों पर आ गए, मैंने मामी को टाइट पकड़ा हुआ था, तो उनकी चुचियाँ पूरी मेरे हाथ मे थी। फिर हम नीचे पहुंचे, तो मामी को मैंने पानी में पकड़ कर खड़ा किया तो भी उनकी चुचियाँ पूरी दबाई। मामी ने स्माइल किया और बोली एक बात और चलते है। टीना दीदी बोली मैं भी चलती हुँ।

फिर हम तीनों वापिस ऊपर आये, मैंने टीना दीदी को बोला पहले जाने को तो वो बोली नही पहले तू और मामी जाओ। तो मामी पहले की तरह बैठी, उनके पीछे मैं बैठा तो मामी थोड़ी ऊपर हो कर मेरी गोद मे खड़े लन्ड पर बैठ गयी और मेरे हाथ पकड़ कर आगे करती हुई अपनी चुचियों पर रख दिये और बोली टाइट पकड़ ले पिछली बार बैलेंस बिगड गया था। मैंने भी मामी की चुचियाँ पूरी दबा कर पकड़ ली, ओर लन्ड का दबाव उनकी गाँड़ पर बनाया। तभी टीना दीदी भी मेरे पीछे आकर बैठ गयी और बोली कि तीनो साथ मे चलते है। दीदी ने मेरी कमर से हाथ आगे कर मामी को पकड़ लिया, जिस से दीदी के बड़े मुम्मे मेरी पीठ पर दब रहे थे, में तो पागल हो रहा था। फिर हम नीचे आने लगे, तो बीच मे मैं मामी के मुम्मे मसल रहा था, और निप्पल भी दबा दी। जैसे ही हम पानी मे गिर तो मामी को मैने पहले की तरह चुचियाँ दबाते हुए उठाया और टीना दीदी की पकड़ छूट गयी थी, वो उठने के लिए मेरे पैर के सहारे खड़ी होने लगी तो उनके हाथ मे मेरा लन्ड आ गया।

उसे पता ही नही चला कि उसने मेरा लन्ड पकड़ा हुआ था। फिर जब वो नार्मल हुई तो उसे होश आया और उसने मेरा लन्ड छोड़ा। फिर लता मौसी रैन डांस के लिए बोली तो हम सब लोग रेन डांस करने गए। अभी हमने वहां डांस करना शुरू ही किया था कि देखा मौसी पापा मौसा वो लड़का उसके मम्मी दीदी बड़े वाले स्लाइड की तरफ जा रहे है। तो मैं और देव भी उनके पीछे हो गए।

ऊपर जाकर उस लड़के की मम्मी ओर दीदी डरने लगी क्योकि वो स्लाइड बहुत ज्यादा बड़ी थी, उस लकड़े ने कहा कुछ नही होता मैं जाकर दिखाता हु और वो पहले की तरह मौसी के साथ नीचे आ गया। पर उसकी माँ और बहन अभी भी डर रही थी तो पापा ने उन्हें समझाया कि कुछ नही होता और पापा मौसा उन दोनो को लेकर स्लाइड के पास गए, तो वो ऊंचाई से डर गई। वो लड़की पापा के गले और उसकी माँ मौसा के गले लग गयी कि हमे डर लगता है। फिर मौसा और पापा उनकी पीठ पर हाथ फेरते हुए कह रहे थे कि कुछ नही होता। वो ओर ज्यादा उनके गले लग रही थी। शायद उन्होंने कोल्ड ड्रिंक में सेक्स की दवा मिलाई थी। तो वो माँ बेटी ज्यादा ही चिपक रही थी। हमने नीचे देखा तो मौसी ओर वो लड़का कही नज़र नही आ रहे थे। इतने में वो माँ बेटी पर दवा का पूरा असर शुरू हो गया था और वो वहीं उनकी छातियों पर चूमने लगी तो पापा और मौसा उन्हें स्लाइड से नीचे लेकर आये, हम भी उनके पीछे नीचे आ गए। तो हमने देखा कि पापा मौसा उन माँ बेटी के साथ चेंजिंग रूम्स के पीछे वाली तरफ चले गए। हम भी उस साइड गए और छुप कर देखने लगे।

अब वाटरपार्क में काफी कम लोग थे,सिर्फ कुछ लड़के थे, जो हमारे परिवार की औरतों के आगे पीछे घूम रहे थे। बाकी सारा वाटरपार्क खाली था। हम भी चेंजिंग रूम के आईचे वाली साइड पहुंचे, हमने जैसे ही वहाँ देखा तो मौसी उस लड़के का लन्ड चूस रही थी। नार्मल 6 इंच का लन्ड था उसका। वहाँ वो अपनी माँ बहन को देख कर हैरान हो गया, पर उसकी माँ बहन को वो नही सिर्फ सेक्स दिख रहा था। मौसी वैसे ही उसका लन्ड चूस रही थी। इधर पापा और मौसा ने भी अपने लन्ड बाहर निकले और उन मा बेटी के कॉस्ट्यूम उतार कर पूरा नंगा कर दिया।।उसकी माँ की चुचियाँ तो बड़ी थी, ओर उसकी बहन की छोटी थी। फिर उन दोनों को वहीं जमीन पर लिटा कर मौसा ने उसकी माँ की चुत पर ओर पापा ने उनकी बहन की चुत पर लन्ड सेट किया और एक झटके में घुसा दिया, उसकी माँ को तो कुछ नही हुआ, पर उसकी बहन की चीख निकल गयी, तो पापा ने उसके मुँह पर हाथ रख कर उसकी चीख को दबा दिया। वो कुंवारी थी और उसकी चुत की सील टूट गयी, उसकी चुत से खून आने लगा, वो छूटने की कोशिश करने लगी, लेकिन पापा ने उसे नही छोड़ा। फिर वो दोनों बेरहमी से चोदने लगे, इतने में उस लड़के का पानी मौसी के मुह में निकल गया।

उसके बाद लड़का बोला- ये आप मेरी माँ बहन के साथ क्या कर रहे है, छोड़ दो उनको।

मौसी( उसे थप्पड़ मारते हुए)- साले जब तू मुझे लन्ड चूसा रहा था, तब क्यो नही बोला, अब चुप चाप देख तेरी माँ और बहन कैसे चुदती है।

लड़का- प्लीज उन्हें छोड़ दो।

मौसी चुप चाप चुदाई देख साले, वरना सबकों कहूंगी की तूने मेरे साथ जबरदस्ती किया है। वो लड़का डर गया, और वहीं बैठ कर ऊनी माँ बहन की चुदाई देखने लगा। मौसा जैसे जैसे ही धक्का मारते उसकी माँ के बड़े चुचे हिल रहे थे, ये देख उस लड़के को भी मज़ा आने लगा। उसने फिर मौसी के चुचे पकड़ लिए, मौसी ने अपना कॉस्ट्यूम उतार दिया। वो लड़का मौसी के चुचे चूसने लगा। फिर 20 मिनट बाद मौसा का पानी उसकी माँ की चुत में ही निकल गया।

इतने में मेरे मामाजी और सूरी मौसा भी वहाँ पहुंच गए। उन्होंने देखा कि मौसी उस लड़के का लन्ड अपनी चुत में लेने की कोशिश कर रही है। उन्हें देख उस लड़के की गाँड़ फैट गई, वो खड़ा होने लगा तो मौसी ने उसे वापिस अपने पास खींच लिया और लन्ड चुत में डालने को कहा। वो लड़का अनाड़ी था हमारी तरह, उस से मौसी की चुत में लन्ड नही डल रहा था तो मामाजी ने उसका लन्ड पकड़ा और मौसी की चुत ओर सेट कर उसे धक्का मारने को कहा। फिर उस लड़के का लन्ड मौसी की चुत में चला गया और वो धक्के मारने लगा। पापा अभी भी उस लड़की को चोद रहे थे और प्रेम मौसा अभी भी उसकी माँ की चुत में लन्ड डाले हुए लेते थे। ये देख वो कुछ नही बोले, प्रेम मौसा उनको देख कर चुत से लन्ड निकाल कर खड़े होते हुए बोले आओ सूरी जी, मजेदार माल है।

सूरी मौसा ने अपना कॉस्ट्यूम उतारा तो उनका लन्ड 9 इंच का था और काफी मोटा भी। और उस लड़के की माँ पर चढ़ गए, उसकी माँ रोने लगी, की छोड़ दो हमें।

प्रेम मौसा बोले- ऐसे कैसे छोड़ दे। तेरे बेटे ने मेरी बीवी पर गंदी नज़र डाली। और मेरी बीवी के साथ मजे कर रहा है। तो हम भी तो मजा लेंगे। अभी देखना हम सभी मर्द चोदेंगे तुमको। फिर सूरी मौसा ने उसकी माँ की चुत में एक झटके में अपना लन्ड डाला तो उसकी माँ की तो आंखें ही बाहर आ गयी, मामाजी ने उसका मुह बन्द किया नही तो उसकी चीख की आवाज़ जाती आगे। फिर मौसा उसकी माँ को पेलने लगे। उधर पापा भी अब उसकी बहन की चुत में ही पानी छोड़ने लगे। फिर जैसे ही पापा खड़े हुए तो मामाजी चढ़ गए उसकी बहन पर। फिर प्रेम मौसा हमारी तरफ आने लगे तो हम वहाँ से निकल गए दें डांस वाली तरफ।  family sex stories final part….

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प्रेम मौसा भी रेन डांस वाली साइड आये, मेरे और देव के अलावा सभी मर्दों को अपने पास बुला कर उनसे कुछ कहा, फिर वापिस उसी तरफ चले गए तो उनके पीछे मेरे जीजाजी विकास भी हो लिए। ऐसे ही 15 मिनट में एक एक करके सभी मर्द उसी जगह पहुंच गए।

यहाँ सभी लेडीज अकेली रह गईं, तो आपस मे बात कर के लगी कि ये सभी मर्द कहाँ गए, तो दबंग लता मौसी बोली- अरे, कोई ना बियर पीने गए होंगे आ जाएंगे अभी चलो हम सब डांस करते है।

फिर सब औरतें डांस करने लगी, वहां पर सब मर्द उनको डांस करते हुए देख रहे थे, कोई किसी की हिलती गाँड़ तो कोई किसी की हिलती चुचियों देख कर मज़े ले रहा था। हम भी डांस करते देख रहे थे उनको।

फिर हम भी चुपके से वहां से निकल कर चेंजिंग रूम के पीछे गए तो देखा कि हेमा मौसी उस लड़के से अपनी चुत चटवा रही है। उस लड़के की माँ और बहन हमारे घर के मर्दो से घिरी हुई थी और अब वो दोनो बोल रही थी, की चोदो हमे फाड़ डालो। शायद उनको वापिस सेक्स की कोई दवाई दी थी मौसा ने जिस से उनकी हवस बढ़ गयी थी। लड़का बोल रहा था कि प्लीज उन्हें छोड़ दो, पर कोई कहाँ मानने वाला था। फिर जैसे ही किसी एक का पानी निकलता तो उसकी जगह दूसरा ले लेता। सब ऐसे ही जगह बदल बदल कर चोद रहे थे। फिर मौसी ने उस लड़के को अपने ऊपर चढ़ाया चोदने के लिए तो उस लड़के का लन्ड मौसी की चुत में था तो सुदीप जीजाजी ने उस लड़के को थोड़ा झुकाया और उसकी गाँड़ में उंगली डाली, वो लड़का उछल गया, मौसी समझ गयी कि जीजाजी क्या चाहते है, फिर उन्होंने उस लड़के को कस कर पकड़ लिया, ओर सुदीप जीजाजी ने जोर लगा कर लन्ड उसी गाँड़ में उतार दिया, उस लड़के की तो गाँड़ फट गयी, वो छूटने की नाकाम कोशिश करने लगा।

जब सबने लड़के की गाँड़ में लन्ड डला देखा तो, पापा ने उसकी बहन से मामाजी को हटाया और उसकी बहन को घोड़ी बना दिया। फिर मामाजी को कहा वापिस लन्ड डालने को और खुद उसकी गाँड़ में लन्ड डालने लगे, जिस से वो लड़की चीखने लगी तो विकास जीजाजी ने उसके मुह में लन्ड डाल दिया और फिर अनमोल दीदी के पति टिंकू जिजाजी ने उस लकड़ी के नीचे ले गए और उसकी चुत में लन्ड डालने लाए, जहां मामाजी का लन्ड आ पहले से। बहुत मुश्किल से लन्ड गया, वो लड़की तो मरने को हो गई थी दर्द से।

फिर ऐसा करते देख सभी मर्द जहां जिस औरत का मौरा था वहां लन्ड डाल दिया। उस लड़के के मुह में भी लन्ड डाल दिया, उस लड़की के, उसकी माँ के, मौसी के सबकी मुँह में 1- 1 लन्ड, गाँड़ में 1-1, चुत में 2-2 लन्ड थे। हम मौसी का बड़ा बेटा दीपक ऐसे खड़ा था, उसे कोई छेद नही मिला तो उसने मौसी की गाँड़ में जहाँ उसके बाप का लन्ड था, वही डाल दिया, पर मौसी के कोई असर नही क्योकि वो 3-3 लन्ड भी एक साथ ले सकती है। अब सब चुदाई में लगे हुए थे। ये सब देख कर लग रहा था कि मौसी इन सब से पहले भी ग्रुप में चुद चुकी थी। फिर देव ने बताया कि जो भी रिश्तेदार घर मे आता है, मौसी उसे उसे लेकर रूम में घुस जाती है और रूम बन्द कर लेती है, कई बार तो मौसा भी साथ मे जाते है। कई बार तो मौसी अपनी सहेलियों को भी बुला लेती है। मतलब मौसी सभी रिश्तेदारों से पहले भी चुदी हुई थी और ग्रुप में भी चुदी थी सबसे।

फिर वो अपने काम मे लगे रहे। हम वापिस रेन डांस की तरफ आ गए तो देखा कि जो लड़के हमारी औरतो के आगे पीछे घूम रहे थे, वो भी डांस कर रहे है। वो लड़के उनके पास आने को कोशिश कर रहे थे। वहां पर कुछ लड़के डांस करते हुए इन सबको छूने को कोशिश करने लगे। हमने देखा कि हिमांशी भाभी लता मौसी से छुपकर दो लड़के के लन्ड को छू रही थी डांस करते हुए, और वो लड़के भी कभी हिमांशी भाभी के बूब्स तो कभी गाँड़ पर छू रहे थे, एक बार तो उन्होंने हिमांशी भाभी के बूब्स दबा भी दिए। प्राची दीदी और ग़ज़ल दीदी दोनो के बीच एक लड़का डांस कर रहा था वो कभी प्राची दीदी गजल दीदी के बूब्स दबा रहा था। ये देख तो देव देख कर मजे ले रहा था। फिर हम भी डांस कने लगे, और छूने लगे, मैं मम्मी के साथ डांस करने लगा तो मम्मी का एक बूब की निप्पल कस्टयूम से बाहर दिखाई दे रही थी, जिसे देखकर मेरा लन्ड तंबू बन गया, मम्मी ने वो देख लिया और मुझे स्माइल किया। फिर मेरी दीपिका दीदी भी वहीं आकर डांस करने लगी, उनके बूब्स और गाँड़ उछल रहे थे, जिसे सभी लड़के घूर घूर कर देख रहे थे। मेरी नजर भी मेरी सगी दीदी दीपिका पर थी, जिसकी गाँड़ की मोरी के अलावा सारी गाँड़ कॉस्ट्यूम से बाहर थी। उस देख कर मेरा मन उसे छूने को हो रहा था, तो मैं दीदी के साथ चिपक कर डांस करने लगा, तो दीदी ने मुझे गले लगा लिया, मैंने भी दीदी की पीठ पर हाथ रख उसे अपने से दबा लिया। दीदी के मोटे बूब्स मेरी छाती में दब रहे थे मेरा खड़ा लन्ड दीदी के पेट पर लग रहा था, जिसे दीदी महसूस कर रही थी। फिर मैं और दीदी कपल डांस करने लगे। मैं अपने हाथ धीरे से दीदी की पीठ से गाँड़ की ओर ले गया। जैसे ही दीदी की बड़ी नंगी गाँड़ पर मेरा हाथ लगा तो मेरे शरीर में करंट दौड़ गया। दीदी की गाँड़ बहुत बड़ी थी, दीदी की गाँड़ जितनी चौड़ी थी उतनी ही पीछे की ओर भी निकली हुई थी। दीदी की कमर पतली है, मैंने आज तक दीदी की गाँड़ जैसी मस्त गाँड़ किसी की नही देखी। मैं हौले हौले दीदी की गाँड़ पर अपना हाथ फेरने लगा।

तभी लता मौसी ने मुझे आवाज़ दी तो मेरी गाँड़ फट गई की कहीं लता मौसी ने मुझे दीदी की मस्त गाँड़ पर हाथ फेरते तो नही देख लिया।

मैं डरते डरते लता मौसी के पास गया।

लता मौसी- राजवीर मुझे वॉशरूम जाना है, चल मेरे साथ कैंटीन वाली साइड, मैं उधर ही वॉशरूम चली जाऊंगी।

राजवीर- ठीक है मौसी।

फिर वो कैंटीन वाली साइड चलने लगी, तो मैं उनके पीछे चलने लगा। पर मेरा ध्यान दीदी की तरफ था तो मैं पीछे मुंह करके चल रहा था।

तभी मैं अचानक किसी मे भिड़ा तो देखा कि लता मौसी खड़ी है, मेरी तरफ मुँह किये और मैं पीछे देखता हुआ सीधा उनके बड़े बड़े मुम्मों में जा भिड़ा और मेरा खड़ा लन्ड उनकी नाभि पर लगा, जो उन्होंने महसूस भी किया। जब मैं उन से भिड़ा तो मेरा तो बैलेंस भी बिगड़ गया और मैं गिरने लगा तो संभलने के चक्कर मे गलती से मेरे हाथ में लता मौसी की बड़ी बड़ी चुचियाँ आ गयी थी। जैसे हि मैं संभला मेरी तो गाँड़ फट गई कि अब लता मौसी मारेगी मुझको।

लता मौसी- ध्यान किधर है तेरा।

मैं चुप खड़ा रहा।

मौसी ने एक झन्नाटेदार झापड़ मेरे गाल पर रसीद कर दिया।

मैं फिर भी चुप खड़ा रहा।

मौसी- बोल साले बहनचोद, ध्यान किधर है तेरा जो पीछे देख कर चल रहा है।साले शर्म नही आती अपने ही घर की औरतों को गंदी नियत से देखते हुए।

मैं- मौसी वो….

मौसी ने एक ओर झापड़ मेरे गाल पर रसीद कर दिया और मेरे पेट मे लात मारी।

मैं दर्द से कराहने लगा।

मौसी ने मेरे बाल पकड़ कर मुझे उठाया और मेरे बाल खींचते हुए वाशरूम की तरफ ले गई और मुझे वाशरूम के बाहर खड़ाकर खुद वाशरूम में चली गयी और जाते हुए मुझे बोली कि मैं जब वापिस आऊ तब मुझे जवाब चाहिए, नही तो देखना कैसे तेरी माँ चोदती हुँ मैं और अंदर चली गयी।

मैं सोच रहा था कि अब क्या बोलू? फिर मैंने कुछ सोचा और मौसी का वेट करने लगा।

5 मिनट बाद मौसी बाहर आई, और मेरी तरफ आंखे निकाल कर देखा।

फिर मौसी ने मेरे एक और झापड़ मारा, फिर मेरे बाल पकड़ कर मुझे नीचे झुका दिया। मेरी पीठ पर एक मुक्का मारा और बोली।

लता मौसी- बहनचोद कुत्ते, अब बोल क्या देख रहा था।

मैं- मौसी वो कुछ लड़के उधर सभी को डांस करते देख रहे है, तो मैं उनका ध्यान रख रहा था कि कहीं वो किसी को छेड़े ना।

मेरे इतना कहते ही मौसी ने मुझे सीधा किया और मुझे अपने गले लगाया। जिस से मेरा सिर मौसी की बड़ी चुचियों के बीच धस गया था। इस उम्र में भी लता मौसी की चुचिया अपनी बेटी सोना दीदी की चुचियों से भी ज्यादा टाइट थी।

मौसी – सॉरी बेटा, मेरा बेटा इतना बड़ा और समझदार हो गया कि सबका ध्यान भी रख साथ है। मुझे माफ़ कर दे बेटा।

मैं(रोते हुए)- हाँ मौसी, अब ओर कोई नही है, तो किसी को तो ध्यान रखना ही पड़ेगा ना।

मौसी को जब मेरी आवाज़ में क्रंदन सुनाई दिया तो मौसी ने मुझे अपने मुममों से अलग कर सीधा किया और मेरे आंसू साफ किये, और फिर मुझे गले लगा लिया ओर रोते हुए बोली- मुझे माफ़ कर दे बेटा।

मैं(मौसी की पीठ पर हाथ फेरते हुआ) जिस से मेरे लन्ड में भी हल्का हल्का तनाव आने लगा, जो मौसी की मार से बैठ गया था- कोई बात नहीं मौसी, चलो वहां चलते है।

मौसी ने मुझे फिर खुद से अलग किया और दोनों गालों पर किस किया, मैंने भी फिर मौसी के दोनों गालो पर किस किया, फिर मौसी मेरा हाथ पकड़ कर रेन डांस वाली साइड ले गयी, ओर मुझे पकड़ा कर मेरे साथ डांस करने लगी। डांस करते टाइम मैंने कई बार मौसी बड़ेबड़े मुममों को छुआ, और अपना लन्ड भी मौसी की गाँड़ और पेट पर लगाया। family sex stories final part….

The End…

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