चढ़ती जवानी हुई लंड की दीवानी सेक्स कहानी-2 | Jawani Chadhi Aur Chud Gai

 Jawani Chadhi Aur Chud Gai sex story 2 | मेरी नज़र शिप्रा के बूब्स की तरफ जा रही थी बार-बार लगातार, आज मैं शिप्रा की चूचियां दबा कर ही मानूंगा चाहे जो हो….

इंटर की क्लास स्टार्ट हो गयी हम दोनों अगल-बगल बैठते थे. और स्टडी के साथ फन भी करते कैंटीन में जाते बातें भी करते और एक दूसरे के साथ मजाक भी करते. फिर मैं उसे कॉलेज से उसके घर और घर से कॉलेज लाने ले जाने लगा.  Jawani Chadhi Aur Chud Gai sex story Part 2

जब घर से वो निकलती अकेले मैं कुछ दूर पर उसका इंतज़ार करता और वो आकर मेरी मोटरसाइकल पर बैठ जाती और कॉलेज घर जाते टाइम मैं उसे घर से पहले छोड़ देता.

एक दिन उसने अपनी जन्मदिन में मुझे अपने घर बुलाया और सबसे मिलाया.

मैंने उसके मम्मी और पापा के चरण छुए और उसकी एक बड़ी सिस्टर थी सुनीता लेकिन उससे बिल्कुल अलग पर एक चीज़ सेम थी मालूम है क्या उसके बूब्स.

शायद शिप्रा से बड़े क्योंकि वो शिप्रा से दो साल बड़ी थी. उस दिन से मेरा उसके घर आना जाना शुरू हो गया. कुछ दो या तीन महीने निकल गये इन सब में.

अब मैं कभी कभी स्टडी करने भी उसके घर जाने लगा.

मेरा मतलब क्लोज़ हो गये हम दोनों एक दूसरे के. हमने कभी ‘आई लव यू ‘ नहीं कहा . क्यों…ये बात फिर कभी…पर बताऊँगा ज़रूर.

तो शायद अब आप लोग पूरी तरीके से समझ गये होंगे. तो अब मैं उस दिन की बात बताने जा रहा हूँ जिसके लिए आप ने इतना सारा पड़ा और मुझे शायद गाली भी दी होंगी.

तो मेरे बेसब्र दोस्तो सब्र रखो. क्योंकि सब्र का फल मीठा होता है. तो मैं स्टार्ट करता हूँ.  Jawani Chadhi Aur Chud Gai sex story Part 2

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उस दिन संडे था जब मैं उसके घर गया मैंने कॉल बेल दबाई अंदर से कोई आवाज़ नहीं आई कुछ देर बाद मैं दोबारा बेल पुश किया. तभी अंदर से मधुर सी आवाज आई ‘कौन है?’

मैंने कहा- मैं… विक्की.

उसने कहा- एक मिनट!

मैं दरवाज़े के बाहर इंतज़ार करने लगा और कुछ सोचने जा ही रहा था की दरवाज़ा खुलने की आवाज़ आई और खुल गया पर दरवाज़े पर कोई नही…

मैं देख ही रहा था की फिर से वोही आवाज़ आई अरे जल्दी अंदर आओ क्या वही खड़े रहोगे.

मैं झट से अंदर घुसा और जैसे अंदर घुसा तभी दरवाज़ा बंद होने की आवाज़ आई और मैं पलटा और पलटते ही दंग रह गया…

वो भीगे हुए बदन एक घुटनो से भी ऊपर तक के गाउन से डाले हुई थी और जांघो के नीचे से नंगे पैर…वो जो नज़ारा था या कोई कयामत था वो कोई और नहीं अपनी फिल्म की हिरोइन शिप्रा थी.

उसने मेरी तरफ देखा और कहा तुम 5 मिनट वेट करो मैं बस अभी आती हूँ.

और मुझे हतप्रभ वही छोड़ गयी.

मैं कुछ समय के बाद नॉर्मल हुआ और सोफे पर बैठ गया.

कुछ देर बाद एक लो कट टी-शर्ट और ब्लू रंग की स्किन टाइट जीन्स पहने हुए भीगे बालों को पोछते हुए वो मेरे सामने आई और कहा- अरे! क्या हुआ ठीक से बैठते क्यों नहीं हो…

मैंने अपने आप को ठीक किया और नॉर्मल दरशाने के लिए पूछा आज कोई दिख नहीं रहा?

शिप्रा ने कहा- दिखेंगे कैसे जब कोई होगा तब ना. मम्मी-पापा और दीदी सीतापुर गये है शादी अटेंड करने लेट नाइट आएँगे मेरा मन नहीं था इसलिए नहीं गयी.

मैं अंदर अंदर बहुत खुश हुआ और अपने अंदर हिम्मत भी आ गयी. तो मैंने कहा- तो आज तुम अकेली हो.

उसने कहा- अकेले? नहीं तो, किसने कहा?

मैंने कहा- मम्मी-पापा और दीदी सब चले गये फिर कौन है तुम्हारे साथ?

उसने कहा- तुम हो ना…

मेरे मुह से ज़ोर सी हँसी निकल गयी… और वो भी हंस दी.

उसने तभी कहा- रियली मैं अभी तुम्हें फोन करने वाली थी मैं यहाँ अकेली हूँ तुम आ जाओगे तो साथ भी हो जाएगा, स्टडी भी हो जाएगी और समय भी कट जाएगा. अच्छा तुम दो मिनट बैठो, मैं कॉफी लेकर आती हूँ.  Jawani Chadhi Aur Chud Gai sex story Part 2

यह कहानी आप HotSexyStories.in में पढ़ रहें हैं।  

मेरी नज़र ना चाहते हुए भी बार बार उसके बूब्स की तरफ जा रही थी. भीगे बालों में वो इतनी सेक्सी लग रही थी की एक बरी तो मेरा लंड खड़ा होते होते बचा…

आज मैं शिप्रा की चूचियां दबा कर ही मानूंगा चाहे जो हो जाए पर कैसे, कहीं चिल्ला दी तो, अरे नहीं इतने सालों से जानती हैं नहीं चिल्लाएगी. लेकिन अगर कहीं बुरा मान गयी तो दोस्ती टूट गयी तो… फिर क्या किया जाए कैसे शिप्रा की चुदाई करू ऊऊ, कुछ समझ में नहीं आ रहा हैं…

मैं इन्ही ख़यालों मैं डूबा था की शिप्रा की आवाज़ आई- अरे विक्की क्या सोच रहे हो?

मुझे झटका लगा क्या बोलूं , बोलूं कि न बोलूँ.

तभी शिप्रा की दुबारा आवाज़ मेरे कानो मैं पड़ी- विक्की तबीयत तो ठीक हैं…मैंने कहाँ तबीयत…तबीयत को क्या हुआ ठीक तो है…बस कुछ सोच रहा था.

‘क्या सोच रहे थे?’ शिप्रा ने कहा.

मैंने कहा- कुछ खास नहीं!

और उसके हाथों से बढाया हुआ कॉफी का मॅग ले लिया और सिप लगाया. वाकई कॉफी बिल्कुल शिप्रा की जवानी जैसी कड़क बनी थी.

तो मैंने कहा मुझे नहीं पता था कि तुम इतनी अच्छी कॉफी बना लेती हों. वो मुस्कराई और कहाँ हाआआं कभी-कभी वरना दीदी ही बनाती है.

अब हम लोग खामोश होकर कॉफी सिप कर रहे थे और मेरी नज़र शिप्रा के बूब्स की तरफ जा रही थी बार-बार लगातार. मैं कॉफी सिप करता जाता और उसके बूब्स देखता जाता मुझे ये भी ख्याल नहीं रहा की शिप्रा जिसके बूब्स मैं देख रहा हूँ, वो मेरे सामने बैठे ही काफी सिप कर रही है.    Jawani Chadhi Aur Chud Gai sex story Part 2

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आगे की कहानी अगले भाग में पढ़े…..

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