कॉलेज में लेज़बियन लड़कियों ने की रैगिंग, Lesbian Collage Ragging 2

Lesbian Collage Ragging 2 | आहह उह !’ मेरी तो जान अटक गई थी, उसकी हरकतें मेरी बर्दाश्त के बाहर होती जा रही थी, सीमा की उंगली मेरी भगनासा को सताने-छेड़ने…  collage raaging story…

फिर जूही की दूसरी सहेली रानी ने आकर मेरी टॉप का जिप खोल कर उतार दिया, मेरी हाफ कप वाली ब्रा जो मेरी निप्पल के घेरे से थोड़ी ही बड़ी थी, जिसमें मेरी दोनों यौन कलश आधे से ज्यादा बाहर थे, वह मेरी ब्रा के ऊपर से ही निप्पल को मसलने लगी, मेरा तन सुलगने लगा था, उसके हाथों का जादू मेरे तन-बदन को बहकाने लगा था, मैं शर्म के मारे किसी से भी नजरें नहीं मिला पा रही थी, पूरी क्लास के सामने मेरे स्तनों को आटे की तरह मसला जा रहा था।  Lesbian Collage Ragging part 2…

इसके बाद की कहानी…

मेरे तन-बदन में वासना की आग सी लग चुकी थी- आह्ह्ह’ मेरे पूरे बदन में काम रस का संचार होने लगा था।

तभी जूही की सहेली सीमा मेरी ओर आने लगी, उसके हाथ में एक प्लास्टिक का डण्डे जैसा था, उसे देख कर मैं डर के मारे सहम गई, मुझे लगा कहीं इसने मेरी योनि में इस डण्डे को प्रवेश करा दिया तो मेरी कौमार्य भंग हो जाएगा, मैं अपना कुंवारापन खो दूँगी, मेरी आँखों से अश्रुधारा बहने लगी।

सीमा ने मेरी स्कर्ट का हुक खोल दिया, जूही की नजर मेरी चेहरे पर पड़ी तो जूही ने कहा- यासमीन रो मत, हम बस तुम्हें मजा देना चाहते हैं और मजा लेना चाहते हैं, तुम्हें किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुचायेगे।

इधर मेरी स्कर्ट का हुक खुलते ही स्कर्ट नीचे सरक गई, सीमा मेरी जांघों को सहलाने लगी। उधर रानी के हाथों मेरी स्तनों का बुरा हाल हो रहा था, न चाहते हुए भी अचानक मेरे होठों से कामुक सिसकारियां निकल जाती थी।

मैं सिर्फ पीरियड के दिनों में ही ओवर साईज पेंटी पहनती हूँ जिससे पैड लगाने में आसानी होती है, बाकी दिनों में फैंसी रस्सी टाइट पेंटी पहनती हूँ जो मेरी योनि में घुसी हुई रहती है और चलने पर योनि के भीतर भगनासा को छूती-सहलाती रहती है, और योनि के दोनों गुलाबी लब एक दूसरे को चूमते रहते हैं।

सीमा ने अब मेरी योनि में एक उंगली को प्रवेश करा दिया और मेरी पेंटी को टटोलने लगी।

‘आआ… आआ…आहह !’ मेरी तो जान अटक गई थी, उसकी हरकतें मेरी बर्दाश्त के बाहर होती जा रही थी, सीमा की उंगली मेरी भगनासा को सताने-छेड़ने लगी थी, मेरे तन में कामाग्नि धधकने लगी थी, मेरे पैर कांपने लगे मैं खड़ी नहीं हो पा रही थी, उसकी हरकतों से मेरी मुनिया रोने लगी थी, मेरी योनि के कामरस से सीमा की उंगलियां चिकना गई जिसे वह मेरी योनि के अंदर बाहर करने लगी और मेरी पेंटी को निकालने के बहाने मेरी भगनासा को सहलाने लगी।

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मैं उसकी हरकतों से मदहोश होने लगी थी, मुझे कुछ याद नहीं रहा कि मैं कहाँ हूँ, मुझे कौन देख रहा है, मैं बस वासना के दरिया में बहती चली गई, वासना के मारे मेरा शरीर अकड़ने लगा था।

रानी लगातार मेरे दोनों स्तनों को मसलती सहलाती रही, नीता भी मेरी गर्दन, पीठ और कान को चूमती रही। मेरी हालत पानी बिन मछली की तरह हो गई थी, मैं उनकी हरकतों से चरमोत्कर्ष तक पहुँच गई, मेरी मुनिया ने अपना लावा बाहर निकाल दिया, मैं स्खलित हो गई।

फिर भी सीमा ने अपनी उंगलियों की हरकत को नहीं रोका बल्कि और तेजी से मेरी योनि मे अंदर बाहर करने लगी। अब मैं खड़ी नहीं हो पा रही थी और गिरने को हो गई तो मेरा हाथ जूही के सीने पर चला गया, तो उसने कहा- तू भी दबायेगी क्या मेरी चूचियों को?

मैंने बड़ी मुश्किल से सॉरी कहा। 

मुझे जूही ने बेंच पर बैठने को कहा, मैं बेंच के अगल-बगल दोनों पैर फैलाकर बैठ गई जिससे मेरी योनि का द्वार पूर्ण रूप से खुल गया पर मेरी पेंटी अभी भी अंदर ही थी, रानी मेरे स्तन के दोनों को मसलती रही, वह मेरी ब्रा भी निकाल चुकी थी और मेरी निप्पल को चूस रही थी।

इधर सीमा मेरी योनि में अब दो उंगलियों को डालकर जोर-जोर से अंदर-बाहर कर रही थी, मेरी कामुक सीत्कारें बढ़ने लगी थी:

आआ… आआआ… आह… उह…आहह…हह… उईई… उईई… माआआ…!

और इस तरह मैं दूसरी बार झड़ गई। फिर भी उनका मन नहीं भरा था, उन्होंने अपना वासनात्मक खेल जारी रखा, अब तो जूही भी मेरी योनि को सहलाने लगी थी।

आ… आआ… आआ… आहह…!  Lesbian Collage Ragging part 2…

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दो लड़कियाँ मेरी योनि में और दो लड़कियां मेरे दोनों स्तन और तन बदन से काम क्रीड़ा कर रही थी।

आ… आआ… आआ… आहह…हह ! मैं मर जाऊँगी…इइ… इइइइइइ… प्लीज… जज… उइ…इइइ… इइइ… आआ… आआ… बस करो ओओ… ओओ… आआ… आआ… आआ हह !

मेरी योनि से काम रस की नदियां बह निकली और इस तरह मैं तीसरी बार भी स्खलित हो गई, अब मेरी योनि की आवाज में भी परिवर्तन हो गया था, अब वह फच्च-फच्च करने लगी थी। अब मैं होश में नहीं रही, पूरी तरह वासना के आवेश में बह गई थी।

सीमा का हाथ पूरी तरह से मेरी यौन रस से सराबोर हो गया था और मेरी टांगें भी मेरी योनि की धारा से तरबतर हो चुकी थी। जूही और ! और ! और जोर से सीमाआ ! कह कर उसे और उत्साहित कर रही थी।

मेरी सांसें उखड़ने लगी थी, अब चौथी बार मेरी योनि ने अपना लावा निकाल दिया और मैं शिथिल पड़ गई। चौथी बार के स्खलन से मेरे शरीर में और जान नहीं बची थी, मेरे काम अंगों में भी कोई संवेदना नहीं बची थी। वे लोग मुझे अर्धमूर्छित देख अपनी हरकत रोक कर बाहर निकल गई, मेरे शरीर में अब सांस लेने की भी ताकत नहीं थी, चार बार के स्खलन ने मुझे पूरी तरह से निःशक्त कर दिया था, मुझमें बाथरूम जाने की भी ताकत नहीं बची थी।

मेघा ने आकर मुझे सहारा दिया और कपड़े वगैरह पहनाकर वाशरूम ले गई। मैं मेघा से नजर नहीं मिला पा रही थी, मैं वहाँ फ्रेश होकर सीधे अपने घर चली गई। मैंने मेघा से बात करना भी बंद कर दिया।

दोस्तों, आगे की दास्तां मैं आपको अगली बार बताऊँगी। मेरी इस अनुभव के बारे में प्लीज अपनी राय सलाह और विचार मुझे जरूर बताये |  Lesbian Collage Ragging part 2…

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