माँ को मजबूरी में कोठी की रंडी बनाया -Ma Bani Majboori Me Kothe Ki Randi-6 |final

मैंने देखा अपर्णा की चुत काफी फूल गई थी. पेंटी के ऊपर से ही ऐसी दिख रही थी कि जैसे चोदने का न्यौता दे रही हो. फिर मैंने उसका पिछवाड़ा देखा, तो मैं दंग रह गया. मैं तीन महीने से भूखा था. मुझे चूत नहीं मिली थी. मेरा उसके साथ सेक्स करने का मन हो गया.

मैंने उसको उठाया और अन्दर ले जाकर उसे चोदने लगा. मैंने महसूस किया कि मेरा लंड तो बहुत आराम से जा रहा था. मेरी माँ को तो लंड महसूस भी नहीं हो रहा था. मैं समझ गया कि अब इसे मेरे लंड से कुछ नहीं होगा.

मैंने उससे कहा- ये चुत अब बड़े लौड़ों का ही शिकार कर पाएगी. छोटे लंड से इसका कुछ नहीं होने वाला.वो हंस दी. फिर हम दोनों भी हँसने लगे.वो बोली- डार्लिंग आपने मुझे इस स्वर्ग में भेजा हो, मुझे ऐसा लग रहा था. ये तीन महीने मेरे लिए स्वर्ग से कम नहीं थे.

मैंने ब्लू फिल्म के लिए पूछा, तो उसने बताया कि हां उसकी कई ब्लू फ़िल्में भी बन चुकी हैं.पुलिस वालों की चुदाई, गुंडों की चुदाई, डांस बार में डांसर बनकर चुदाई. रात रात भर होटलों की चुदाई. ये पूरी कहानी आने के बाद सब बताऊंगी.

मैंने कहा- मैं तुमको लेने ही आया हूँ.वो खुश हो गई और उसने कहा- आप मुझे मेरे साइज के कपड़े ले आओ, तब तक मैं थोड़ा धंधा कर लेती हूँ.मैं बोला- ठीक है … मैं लाता हूँ.तभी चार लोग आ गए, ये वही लोग थे.

जब हम बुधवार कोठे में आये थे. मेरी माँ अब उनसे चुदने जा रही थी. मौसी बोली- देख … ये साले तेरी माँ को हर हफ्ते चोदने आते थे. आज जी भर के चोद लो … आज वो जा रही है. तभी वो लड़के बोले- अरे क्या मौसी … ये रंडी कोठे के लिए ही बनी है, क्यों जाने दे रही हो?उसकी बात पर सब हँसने लगे.बेटा मैंने इसकी माँ को टॉप की रंडी बनाया है. वो चाहे, तो भी बिना चुदे नहीं रह सकती … देख लेना. ये खुद आएगी चुदवाने … याद रखना मेरी जुबान खाली नहीं जाएगी.’

यह कहानी आप HotSexyStories.in में पढ़ रहें हैं।

फिर मुझे देखते हुए मौसी बोली- इधर ही रख जा ना अपनी माँ को. ये कमाल की रंडी है. अभी दिन में भी सौ लंड लेगी, तो भी इसका कुछ नहीं होगा.मैंने मौसी से कहा- उसका जब भी मन होगा, वो आपके कोठे पर आ जाएगी.फिर वो चार लोग एक साथ मेरी माँ को चोदने अन्दर चले गए.

दो घंटे बाद मैं कपड़े लेकर आया. मालूम हुआ कि अभी वो दूसरे लोगों के साथ चुद रही थी. मैंने फोन से पूछा, तो वो बोली- लास्ट डे है … सबको खुश करके जाना चाहती हूँ.उसने शाम के पांच बजे तक चुदाई की … फिर हम दोनों बाहर निकले. बाहर निकलते वक्त मौसी ने मुझे तीन लाख दिए. मैंने एक्स्ट्रा पैसे के बारे में पूछा, तो उसने बताया कि तेरी माँ की ही कमाई है.

फिर हम दोनों नागपुर आ गए. सफर में उसने मुझे बताया कि 3 महीने तक कैसे चुदाई हुई. मुझे मेरी माँ की चुदाई की गंदी कहानी सुनकर लग रहा था कि अब इसकी चूत की आग कैसे बुझेगी. इसको दिन में कम से कम पच्चीस लंड लेने की आदत हो गई है, ये तो आस पास के सभी को अपना शिकार बनाएगी. अगले महीनों में क्या क्या हुआ था, वो अगली कहानी में डिटेल में बताउंगा.आगे की सेक्स कहानी अगली बार लिखूंगा. आपको मेरी माँ की चुदाई की गंदी कहानी कैसी लगी, मेल जरूर करना |  

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