Neha Mere Lund Ka Gulam Bani – नेहा मेरे लंड का गुलाम बनी | Sex Kahani

हैल्लो दोस्तों, मेरा नाम अमन है और में राँची (झारखंड) से हूँ. में पिछले कुछ सालों से सेक्सी कहानियाँ पढ़ता आ रहा हूँ और मुझे ऐसा करना बहुत अच्छा लगता है. मैंने अब तक बहुत सारी कहानियाँ पढ़कर बहुत मज़े किए और आज में आप सभी लोगों को अपनी एक सच्ची घटना बताने जा रहा हूँ जो कुछ समय पहले मेरे साथ घटित हुई, जिसमे मैंने मेरी एक दोस्त जो कि सिर्फ मेरी एक अच्छी दोस्त थी कैसे मैंने उसको अपनी तरफ करके चोदा में वो सब कुछ आप लोगों को आज पूरा विस्तार से बताने जा रहा हूँ और में उम्मीद करता हूँ कि यह कहानी आप सभी को जरुर पसंद आएगी.

दोस्तों में उस समय सिर्फ 21 साल का था और दोस्तों मेरा अपना घर राँची में ही है और में वहीं पर एक अच्छे से कॉलेज में अपनी पढ़ाई करता था मेरे कुछ दोस्त हॉस्टल में रहते थे. तो बाद में उन लोगों ने एक तीन बेडरूम वाला फ्लेट किराए पर ले लिया था जिसमें मैंने भी उस फ्लेट का किराया देने में उनकी बहुत बार मदद की थी. मेरे दो दोस्त एक एक रूम में और एक रूम मैंने अपने लिए रखा हुआ था, अपने मज़े मस्ती करने के लिए मतलब अपनी गर्लफ्रेंड को वहां पर ले जाकर मज़े करने के लिए.

दोस्तों उस समय मेरी 3-4 गर्लफ्रेंड थी तो में उनको जब भी मौका मिलता वहां पर ले जाकर चोदता था. मेरे एक दोस्त की मोबाइल की दुकान थी और में अक्सर वहाँ जाता था. एक दिन में वहां पर बैठा हुआ था तो एक लड़की मोबाइल रीचार्ज करवाने आई, वो लड़की दिखने में ज्यादा सुंदर नहीं थी, लेकिन ठीक ठाक थी और उसके बड़े बड़े बूब्स मोटी गांड भरा हुआ शरीर बस उसको देखकर ही मेरा मन किया कि में उसके बूब्स को पकड़कर पी जाऊँ और उनको निचोड़ दूँ. फिर उस लड़की ने मेरे दोस्त को अपना मोबाईल नंबर दे दिया और उससे वो नंबर रीचार्ज करने के लिए बोला और मेरे दोस्त ने उसका मोबाईल नंबर रीचार्ज कर दिया.

दोस्तों उसका मोबाईल नंबर थोड़ा सा आसान था तो मैंने उसके बताते ही तुरंत उस नंबर को याद कर लिया और जब वो अपना काम खत्म करके वहां से गयी तो मैंने अपने मोबाईल में उसका नंबर लिखकर रख लिया और उसके दो दिन बाद मैंने उसको एक मैसेज किया तो कुछ देर बाद मुझे उसकी तरफ से भी एक मैसेज आ गया जिसमे लिखा हुआ था कि तुम कौन हो? दोस्तों मैंने जानबूझ कर अपनी तरफ से उसको एक और मैसेज करके कहा कि मेरा नाम अमन है और आप मुझे माफ़ करे यह मैसेज मुझसे हुई गलती की वजह से आपके पास चला गया था, प्लीज आप इस पर ज्यादा ध्यान ना दें.

फिर थोड़ी देर में मेरे पास उसकी तरफ से एक और मैसेज आ गया जिसमें लिखा हुआ था कि वो सब तो ठीक है, लेकिन अब आप मुझे यह तो बताओ कि आप कहाँ के रहने वाले हो? तो मैंने भी उसको अपनी तरफ से दोबारा एक मैसेज लिखकर भेज दिया कि में राँची का रहने वाला हूँ. फिर उसने मुझसे पूछा कि आप क्या करते हो? और फिर हमारी ऐसे ही मैसेज से बातें होने लगी थी और तब मुझे पता चला कि वो राँची के एक कॉलेज में पढ़ती है और वो इस समय लड़कियों के एक हॉस्टल में रहती है और उसका नाम नेहा है.

फिर ऐसे ही कुछ दिन तक हमारी मैसेज से बात होती रही और फिर मैंने एक दिन उससे पूछा कि क्या में तुम्हे कॉल कर सकता हूँ? तो उसने मुझसे बोला कि हाँ ठीक है और मैंने उसको कॉल किया तो मुझे उसकी आवाज़ सुनने में बहुत अच्छी लगी थी. मुझे उसको सुनकर ऐसा लगा कि वो एक बहुत शरीफ लड़की है और थोड़ी शांत भी है. हमारी ऐसे ही कुछ दिन तक लगातार बात होती रही और वो अब मेरी बहुत अच्छी दोस्त बन गई थी.

मुझे भी अब उससे बात करना बहुत अच्छा लगने लगा था और हम दोनों रात रात भर फोन पर बातें किया करते थे और कुछ दिन गुजर जाने के बाद मैंने एक दिन उसको मिलने के लिए पूछा तो वो मान गई. फिर हम दोनों उसकी बताई हुई जगह पर मिले और मैंने उससे बहुत अच्छी तरह से बात की हम कुछ देर साथ में घूमे और फिर मैंने अपनी बाईक से उसको उसके हॉस्टल तक ले जाकर छोड़ दिया, वो मेरे साथ बाहर घूमकर बहुत खुश नजर आ रही थी.

एक दिन अचानक मैंने उससे पूछा कि तुम्हारा क्या कोई बॉयफ्रेंड है? तो उसने मुझसे बोला कि हाँ कुछ समय पहले था, लेकिन अब नहीं और अब वो कोई बॉयफ्रेंड बनाना भी नहीं चाहती है. फिर मैंने उससे पूछा कि तुम ऐसा क्यों करना चाहती हो? तो उसने मुझसे बोला कि बस ऐसे ही, लड़के जब तक एक दोस्त होते है तब तक वो बहुत अच्छे होते है, लेकिन जैसे ही वो बॉयफ्रेंड बनते है तो उसके बाद उनको सिर्फ एक ही चीज़ से मतलब होता है और वो बस उसी पर ज्यादा ध्यान देते है. दोस्तों में उसकी दो मतलब वाली बात को बहुत अच्छी तरह से समझ गया था कि इसके बॉयफ्रेंड ने इसको चोदकर अब अकेला छोड़ दिया है, इसलिए यह एसी बातें कर रही है.

फिर मैंने भी मन ही मन सोचा कि में भी अपनी तरफ से कोशिश करता हूँ शायद मुझे भी इसको एक बार चोदने का मौका मिल जाए. फिर मैंने भी धीरे धीरे दो मतलब की बातें करना शुरू कर दिया था और वो मेरी सभी बातों का मतलब समझती थी, लेकिन उसने अपनी तरफ से मेरी बातों में कोई खास रूचि नहीं दिखाई.

एक दिन मैंने उसको सच सच अपने मन की बात कही तो उसने मुझे जवाब दिया कि में बहुत अच्छी तरह से जानती हूँ कि तुम मुझे क्यों अपने मन की बात बता रहे हो? लेकिन में तुम्हे एक बात बता दूँ कि में तुमसे दोस्ती के अलावा और कोई भी रिश्ते को आगे बढ़ाने नहीं दूंगी इसके अलावा तुम्हे मुझसे जो कुछ चाहिए में वो सब दूंगी.

दोस्तों में अब बहुत अच्छी तरह से समझ गया था कि वो जान गई है कि में उससे अब क्या चाहता हूँ? तो मैंने तुरंत उसको बोल दिया कि जो मुझे चाहिए क्या वो तुम दोगी? तो उसने बोला कि हाँ, लेकिन एक हद तक. फिर हमारे बीच सेक्सी बातें शुरू हुई और धीरे धीरे मुझे पता चला कि वो तो एकदम चुदक्कड़ लड़की है और वो खुलकर अपनी बातों में मुझसे लंड, चूत, भोसड़ा जैसे शब्द काम में लेने लगी थी और फिर मैंने उससे पूछा कि तुम क्या मेरे साथ रूम पर चलोगी? पहले तो उसने थोड़ा सा नाटक किया, लेकिन फिर मेरे कहने पर मान गई और वो मुझसे कहने लगी कि मेरी एक शर्त है, में चुदाई नहीं करूँगी और उसके अलावा तुम जो चाहो कर लो.

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फिर मैंने उसको बोला कि यह क्या बात हुई? उसने कहा कि अगर तुम मेरे अच्छे दोस्त हो तो प्लीज़ मेरी बात मान लो. फिर में तुम्हे हमेशा ओरल सेक्स का मज़ा दूँगी. फिर मैंने बोला कि चलो ठीक है और उसके अगले दिन मैंने उसको उसके हॉस्टल से अपने साथ ले लिया और फिर में उसे अपने दोस्त के रूम पर ले गया जहाँ पर एक रूम मेरा भी था.

हम उस रूम में चले गये और हमने बैठकर पहले थोड़ी देर इधर उधर की बातें की और फिर अचानक मैंने उसको अपने ऊपर खींच लिया, जिसकी वजह से उसके बड़े बड़े बूब्स मेरी छाती से टकरा गए और मुझे अहसास हुआ कि उसके बहुत बड़े आकर के एकदम मुलायम है और फिर मैंने उसके कान में उससे पूछा कि तेरे बूब्स का आकार क्या है? तो वो बोली कि 36 और उसके मुहं से इतना सुनते ही मैंने झट से बूब्स को पकड़ लिया और ज़ोर ज़ोर से दबाने लगा और निचोड़ने लगा, जिसकी वजह से वो सिसकियाँ लेने लगी. फिर मैंने जल्दी से उसका कुर्ता उतार दिया और अब वो मेरे सामने ब्रा में थी और उसको मुझसे थोड़ी सी शरम भी आ रही थी, इसलिए उसने अपनी दोनों आखें बंद कर ली थी, लेकिन फिर भी मैंने उसको अपने ऊपर खींचा और उसकी ब्रा को खोल दिया.

अब उसके बड़े आकार के बूब्स झूलते हुए ठीक मेरे सामने थे, वो बहुत मस्त गोल गोल और उस पर हल्के भूरे रंग के छोटे से निप्पल थे. मैंने जैसे ही उसके निप्पल को अपने मुहं में लिया तो वो तड़प गई और अब वो मुझसे बोली कि प्लीज़ चूसो इन्हें तुम जितना चाहो दबा लो, क्योंकि इनको चूसने से मुझे बहुत गुदगुदी होती है प्लीज और उस वजह से में अपना कंट्रोल खो देती हूँ. तुमने मुझसे पहले ही वादा किया था कि तुम चोदोगे नहीं, इसलिए सिर्फ़ दबाओ तुम्हारा जितना मन करे उतना दबाओ.

मैंने उसकी एक नहीं सुनी और बूब्स को लगातार चूसता रहा, जिससे वो सिसकियाँ लेते हुई तड़पने लगी. फिर मैंने अपना एक हाथ उसकी गांड पर लगाया और दबाने लगा, जिसकी वजह से वो अब धीरे धीरे ढीली पड़ने गयी थी. फिर मैंने उसको लेटा दिया और उसका पजामा खोलने लगा. पजामा खुलते ही मुझे उसकी काली कलर की पेंटी दिखी, जिसमे वो बहुत मस्त दिख रही थी और बड़े बड़े एकदम आज़ाद बूब्स गोरा गदराया हुआ बदन और वो काली कलर की पेंटी.

मैंने जैसे ही उसकी वो पेंटी नीचे उतारी तो उसकी बिना बालों वाली चूत मुझे दिखी. उसने अपनी चूत के बालों को पहले ही साफ किया था, एकदम गोरी उभरी हुई चिकनी और गीली चूत को देखकर में तो अपना कंट्रोल ही खो बैठा और वैसे भी मुझे ऐसी ही सेक्सी लड़कियाँ ज्यादा पसंद है. मैंने उसकी पेंटी को उतार दिया और फिर मैंने उसकी चूत को चूमा.

उसने मुझसे कहा कि तुम सिर्फ़ इसको चाटना मत बल्कि ज़ोर ज़ोर से खींचकर चूसना, क्योंकि मुझे बहुत मज़ा आता है जब कोई भी मेरी चूत को खींच खींचकर चूसता है. अब मैंने अपनी जीभ से उसकी चूत को चाटना और होंठो से चूसना शुरू किया और फिर वो अचानक से बोली कि भोसड़ी के मैंने तुझे पहले ही बोला ना चूसना, चाटना मत फिर भी तू क्यों मेरी चूत को चूस रहा है? दोस्तों में तो बस उसको तड़पाना चाहता था, इसलिए में जानबूझ कर यह सब उसके साथ कर रहा था और अब में उसकी चूत को फैलाकर उसके दाने को जीभ से कुरेदने लगा था, जिसकी वजह से वो अब और भी ज्यादा तपड़ने लगी थी और वो मेरा सर पकड़कर ज़ोर से अपनी चूत पर दबाने लगी थी.

आगे की कहानी जारी है…

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