सासु माँ की चुदाई कहानी

सासु माँ की चुदाई कहानी में पढ़ें कि मेरी शादी के बाद बीवी के मायके से मैं उसे लेने गया तो मैंने रात में अपने कमरे में बुलाया. लेकिन हुआ क्या?

मेरा नाम प्रिन्स है, मैं बिहार से हूँ. मैं समाजसेवक का काम करता हूँ. मैं सेवक होने के कारण उनके दुःख सुख को अपने साथ शेयर करता हूँ. आप समझ सकते है ?
अभी मेरी शादी के लगभग कुछ महीनें हुये है. वैसे तो मेरे जीवन में बहुत घटनाएं हुई हैं जिन्हें मैं आप लोगों को एक एक करके बताता रहूँगा.
ये सासु माँ की चुदाई कहानी अभी कुछ दिन पहले की है.
मेरी शादी को कुछ महीने ही हुए थे. एक दिन बीवी ने मायके जाने की जिद कर दी |

नई शादी हुई थी, उसे भेजने का मेरा मन तो नहीं था … मगर मैंने उसकी खुशी के लिए हां कर दिया और अपने भावनाओं पर नियंतण रखा, शादी के कुछ दिनों बाद बीवी कहे की उसे अपने मायके जाना है तो पति को कैसा महसूस होगा, ये दर्द एक पुरुष ही समझ सकता है. जब रात को लंड खड़ा हो और कोई चुदवाने वाले नहीं मिले। मैंने दिल पर पत्थर रख कर जाओ और वो खुश गई और उस रात मैंने अपनी धर्मपत्नी को रात को भर चोदा, न जाने फिर कब मौका मिले, मैं ये मौका छोड़ना नहीं चाहता था उसने भी रात भर बड़ी आहे भरि और हम दोनों की रात रंगीन हो गयी |

अगले दिन; उसका बड़ा भाई उसे लेने के लिए आ गया.
उसके भाई की उम्र 30 साल की रही होगी. उनकी शादी कुछ साल पहले हुई थी. जल्दी से शादी होने का कारण ये था अपने परिवार को पूरा समय नहीं दे पते थे और घर वाले को भी पोते की जल्दी थीं इसकी वजह से थोड़ा परेशान रहते थे |
पत्नी के मायके चले जाने के बाद मैं रात भर सो नहीं पाया और रात भर मेरा बड़ा सा लगी पूरी रात खड़ा रहा, लंड को रोज नई नई चूत चोदने को मिल रही थी, तो मुझे बीवी की कमी महसूस होने लगी |
लेकिन 1 हफ्ते के बाद एक महामारी ने पूरे देश को घेर लिया. कोरोना महामारी के चलते मेरा काम भी बंद हो गया.
अब मैं चुत के लिए तरसने लगा. बीवी भी लॉकडाउन की वजह से नहीं आ सकती थी. मेरा बुरा हाल हो रहा था मैं पूरी रात अपनी बीवी की याद में तड़प -2 के रात बिता रहा था |
ऐसे ही चुत के बिना 3 हफ्ते निकल गए थे. अब लंड को किसी भी तरह चूत चाहिए थी.
मैंने बीवी को फोन करके बोला- मैं रात को बाईक से तुझे लेने आ रहा हूँ.
उसने कहा- ठीक है, मगर ध्यान से आना |

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मैं घर से बीवी को लेने सुबह को 5 बजे निकल गया. सुबह 7:30 बजे तक ससुराल पहुंचा, वहाँ पर मेरा खूब स्वागत हुआ.
मेरी ससुराल में मम्मी पापा भाई और भाभी थे.
भाभी की उम्र 22 साल थी. वो बहुत सुन्दर मगर शर्मीले स्वभाव की थीं.
जैसा कि मैंने ऊपर लिखा था कि उनकी शादी को भी कुछ ही साल हुए थे. पर उन्हें कोई संतान नहीं थी.
मेरी बीवी के भाई और भाभी दोनों कही साथ में गये हुये थे और ज्यादा रात होने के कारण घर नहीं लौट पाये थे |
दिन भर सबसे बातें हुईं.
मैंने अपनी पत्नी को बोला कि रात को मेरे साथ ही सोना.
पत्नी- ये नहीं हो सकता … घर चल कर कर लेना, यहां ये सब नहीं हो पाएगा मुझे मालूम है आप कैसे लेते हो, यहाँ पर ज्यादा शोर होगा और आप अच्छी तरीके से ले नहीं पाओगे, इतना कहते हुए वो चली गई और मै अपने लंड पर हाथ फेरते रह गया |

मेरे लौड़े में आग लगी हुई थी. मैंने मन में ठान लिया और कहा- मुझे नहीं पता, बस तुम्हें कैसे भी रात को कुछ भी करके कमरे में ले आना है |
शायद वो भी वासना की आग में जल रही होगी |
रात हुई तो मैं अपने कमरे मैं जाकर लाईट बंद करके अपने फोन में ब्लू फिल्म देखने लग गया |
मैं कितने दिनों से बूर के लिये बेताब हो रखा था, मै लगभग कुछ देर ही देखा की मेरी आँखे लग गई और मै रंगीन सपने रात देखने लग गया, और फोन को बंद भी नहीं किया था उसकी आवाज भी शायद बाहर की तरफ जा रही हो…
आधे घंटे बाद किसी ने शायद मेरे कमरे में प्रवेश किया. मुझे महसूस हुआ लेकिन मैं अपने सपने में इतना खो गया की मुझे असली दुनिया की कोई फिकर ही नहीं रहा और मैं अपने सपने में अभी भी मजे कर रहा हूँ |
जब मैं अपने सपनो की दुनियों में खोया हुआ था उस समय मेरी बीवी की सौतेली माँ मेरे कमरे ( गेस्ट रूम ) की तरफ से गुजर रही थी, शायद मेरे फोन की आवाज को सुनकर रुक गई |

सौतेली माँ अभी भी जवान थी और बाबूजी थोड़े बूढ़े हो चुके थे, शायद उनकी भरी हुई जवानी के पुरे मजे नहीं दे पाते होंगे। इसीलिए रात को तड़प-2 कर जी रही जवान, मस्त औरत, बड़े चूचे वाली आकर्षित औरत की प्यास शायद मेरे ही किस्मत में लिखा था मिटाना |
मुझे सपने में एहसास हुआ की कोई आया है लेकिन मैं नींद में से नहीं जगा और धीरे -2 वो कमरे में प्रवेश करने लगी, गलती से शायद कमरे की कुण्डी लगाना भूल गया था | कमरे में प्रवेश करने के बाद उन्होंने गेट बंद कर दिया और गेट की कुण्डी लगा दी |
मैं अपने बिस्तर पर सो रहा था मेरा लंड भी खड़ा था और किसी गुफा में जाने के लिए ज्यादा ही उत्तेजित हो रखा था, जो पहले 6 इंच का था वो किसी के हाथों का सहारा लेकर 9 इंच में बृद्धि कर लिया |

फोन में से आ रही आवाज से और वो उत्तेजित हो गई और उन्हें रहा नहीं गया और मेरे पैंट में अपना हाथ डाल दिया और उसे प्यार से हिलाने लग गई |
हो सकता है इतना बड़ा सा 9 इंच का महसूस करके उन्हें चुदे बिना रहा नहीं गया होगा, आज उनकी कई वर्षो की तपस्या का फल शायद आज मिल रहा हो
कुछ देर तक उन्होंने मेरे लंड को शहलाया और मजे लिय, उसके बाद मेरे कपड़े को पूरा खोल दिया और मैं पूरी तरह नंगा हो गया था |
मेरे बड़े से लंड को अपने मुँह में पूरा भर के मजे ले रही थी 10 मिनट तक मुँह में लेकर खूब हिलाया और मजे किया |
इतना होने के बाद मेरे रहा नहीं गया और मेरा आइसक्रीम गर्मी की वजह से पिघलने लगा |
सपने में मैं अपनी बीवी की सौतेली माँ की ले रहा था और वो खूब आहे भर रही थी और पूरा भीतर तक लेकर एन्जॉय कर रही थी |
नींद खुल गई और मेरे आखों के सामने मेरी बीवी की सौतली माँ की वही बड़े चूची वाले, मदमस्त औरत, और उनकी वो चढ़ती जवानी देखकर और वो मेरे कमरे में रात को, ऐसा मौका कौन छोड़ेगा, मेरा लण्ड तो पहले से उनकी चुत मारने के लिए उत्सुक था मैं ये मौका नहीं गवा सकता |
मैं फ़ास्ट superman की तरह जग गया और बड़ा सा हथियार उनके मुँह में दे डाला और उनका मुँह पूरा रसमलाई से भर दिया |
उनकी तड़पती जवानी को जैसे कोई सहारे मिल गया हो, वो बहुत खुस हो गई की उनकी सुखी खेत को कोई जोतने वाला और पानी देकर उपजाऊ बनाने वाला मिल गया |
बड़ी -2 चूची को हाथ से एक बार दबा लो तो जिंदगी समझो स्वर्ग का रास्ता यही है |
उनके ब्लॉउस को फाड़ दिया और भीतर से उनका बड़ा स्तन में मानो मै पूरी तरह समां गया |
चूची को दबाकर मजे लेने लग गया, इतना बड़ा तो मेरी बीवी के भी नहीं है, वो भी बड़े प्यार से दबवाने लगी |
कुछ देर दबाया और मेरे रहा नहीं गया मैंने खड़ा लवड़ा चुत में ले डाला और जोर से आह… की आवाज आई .
मैंने अंधेरे में ही उसको बेड पर खींच लिया और उनके मुँह में अपना अंडरवियर उनके मुँह में डाल दिया ताकि ज्यादा शोर नहीं कर पाये।,यदि शोर करती तो घर के सभी लोग जान जाते और पूरा मुंड ख़राब हो जाता, लेकिन जब -2 खड़ा लंड उनकी चूत के भीतर जाता बड़ी आहे भरती |
शायद ऐसे ही औरतें मजा लेती है हो सकता…
मैंने कहा- इतने दिन से बिना तेरी चूत के लंड में आग लगी हुई है … और तुम हो कि चुदना नहीं चाह रही हो.

दूसरे दिन

कुछ देर बाद
जब वो कमरे आई तो ये कहते हुए मैंने उसका हाथ मेरे लम्बे और काफी मोटे लंड पर रखते हुए बोला- देख, कैसे खड़ा है ये … बस एक बार चोद लेने दे … फिर चली जाना. अंधेरे में किसे पता चल रहा है कि हम चुदाई कर रहे हैं. तेरी चूत भी तो प्यासी है लंड के लिए, तो मना मत कर यार
मैंने कहा- इतने दिन से बिना तेरी चूत के लंड में आग लगी हुई है … और तुम हो कि चुदना नहीं चाह रही हो.
कुछ देर बाद
फिर मैंने उसके मुँह में अपनी जीभ घुसा दी और उसकी जीभ को चूसने लगा.
मुझे बहुत मजा आ रहा था. इतने दिन बाद जीभ का रस पी रहा था.
फिर मैंने उसकी गर्दन पर पागलों की तरह चूमना चाटना शुरू कर दिया.
मेरी पत्नी की मादक सिसकारियां निकलने लगीं. वो मजे में ऐसे गोते लगा रही थी जैसे मैं उसके साथ पहली बार चुसाई कर रहा हूँ.
फिर मैंने उसका ब्लाउज निकाल दिया. कमरे में अंधेरा था, सो कुछ दिखाई तो नहीं दिया
दोनों इतने बड़े थे कीहाथों में ही न हीं आ रहे हैं.
एक बार को मैंने सोचा कि मैं किसी और को तो चोदना सही रहेगा, मगर लंड में आग लगी थी तो मैंने अपने लौड़े रहम किया |
अनजान बन कर ही मेरे मोटे लंड से चुदना चाह रही हों मैने कहा |
मुझे तो नई चूत चोदने मिल रही थी. मैंने भी ठान लिया था कि आज को अपने अनुभव का पूरा मजा देना है.
मैं अंधेरे की वजह से भाभी के दूध देख तो नहीं पा रहा था. मगर उनकी मांसलता को बड़ी मस्ती से भंभोड़ रहा था.
मर्द के सख्त हाथों से मर्दन करवाने में उनको भी बहुत मजा आ रहा था.
अब उनके मुँह से मादक सिसकारियां निकलने लगी थीं. मैंने उनके एक दूध को मुँह में ले लिया और जीभ को निप्पल पर घुमा घुमा कर मजा लेने लगा.
‘आहह … उंह ..’ करके अपनी दबी हुई सिसकारियां निकाल रही थीं.
मैं उनको बिना चोदे नहीं छोड़ सकता था इससे मर्द जाति की बदनामी होती…
दबी हुई आवाजें इस बात को इशारा कर रही थीं कि आज अपनी सारी प्यास बुझाना चाह रही थीं.
अपने हाथ की एक उंगली उनकी चूत में घुसाने लगा.
चूत इतनी टाइट थी कि उंगली भी धीरे धीरे अन्दर हो रही थी.
मनो किसी ने बहुत सालो से हल नहीं चलाया हो.
‘आआआआह ..’

मैं आज उनको काम के सागर में डुबो देना चाहता था. मैं उंगली को चूत में घुसाते हुए ही अंगूठे से चूत के…
मस्ती को बढ़ाने के लिए मैंने अपने मुँह में चूची को लेकर चूसने लगा.
सोचो चूत में उंगली, चूत के दाने पर अंगूठे की रगड़न के साथ बोबे का चूसन और मर्दन … किस औरत को भला मजा आएगा या नहीं?
बढ़ती हुई सिसकारियां मुझमें जोश भर रही थीं.
मैं उनकी चूत को जैसे ही चूसने लगा, उनकी जोर से सीत्कार निकल गई. मैंने 69 में होकर उनके मुँह में मेरा लंड दे दिया और मैं अब उनकी चूत को जीभ से चाटने लगा.
मेरे लंड को आईसक्रीम की तरह ऐसे चूस रही थीं जैसे इसे वो आज खा जाएंगी या उनको बाद में लंड मिलेगा ही नहीं.
मैंने सोचा कि ज्यादा देर करना ठीक नहीं है …

अपने हाथ से लंड पकड़ कर चूत के चूत के छेद में दबाने लगीं. मैंने भी देर ना करते हुए आधा लंड उनकी चूत में उतार दिया.
उनके मुँह से ‘आहहहह … मर गई ..’ निकल गई थी. ये दर्द की वजह से तड़फ थी … या मीठे मजे की वजह से थी. ये बात मोटे लंड से चुदने वाली स्त्रियां ज्यादा ढंग से समझ सकती हैं.
मेरे लंड को ऐसा लग रहा था, जैसे वो किसी कुंवारी चुत को चोद रहा हो. सच में बहुत टाईटली चुत में जा रहा था.
कुछ देर बाद मैंने उनके दोनों पैर मेरे कंधों पर रख लिए और जोर जोर से लंड को अन्दर बाहर करने लगा.
असीम आनन्द में कमर झुलाते हुए चुदाई के आसमान में उड़ रही थीं.
सच बताऊं तो इतने दिन बाद चूत नसीब हुई थी ….

कहानी कैसी लगी comment बॉक्स में अपना राय जरूर दे…
धन्यवाद |

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