बहन को सुहागरात मनाना सिखाया 2 | Suhagrat Story….

Sister Ko Suhagrat Manana Sikhaya-2, मैंने उसकी बेचैनी जोश को देखकर समझ कर उससे पूछा कि तुमको क्या मेरा लंड देखना है? वो कुछ नहीं बोली बस आहें भरती रही, लेकिन फिर… Sister Ke Sath Suhagrat…

उसके बाद बातों ही बातों में मैंने सही मौका देखकर उसकी पेंटी में तुरंत अपना हाथ डाल दिया और अब में उसकी मासूम, छोटी सी चूत को मसलने लगा, सहलाने लगा, जिसकी वजह से वो अब धीरे धीरे गरम होने लगी थी, में अपने दूसरे हाथ से उसके बूब्स को भी सहला रहा था और फिर मैंने कुछ देर बाद अपनी एक उंगली को उसकी चूत में थोड़ी सी अंदर डालकर चूत के दाने को सहलाने लगा, जिसकी वजह से वो एकदम से मेरी बाहों में तड़प उठी और अब वो सिसकियाँ लेते हुए मुझसे कहने लगी कि भैया मुझे अब कुछ कुछ हो रहा है, आह्ह्ह्ह भैया यह उफफ्फ्फ्फ़ सब मुझे क्या हो रहा है? फिर मैंने उससे पूछा कि तुम्हें क्या हो रहा है बताओ मुझे?  Sister Ke Sath Suhagrat Manaya

वो बोली कि मुझे बिल्कुल भी पता नहीं, लेकिन एक अजीब सा उईईईईई अहसास मेरे अंदर आ रहा है, में अब क्या करूं ईईईइ मेरी कुछ समझ नहीं आ रहा?

अब मैंने उसकी बेचैनी जोश को देखकर समझ कर उससे पूछा कि तुमको क्या मेरा लंड देखना है? वो कुछ नहीं बोली बस आहें भरती रही, लेकिन फिर भी मैंने मेरा लंड पेंट से बाहर निकाल दिया और वो बिना पीछे मुड़े ही लंड को अपने हाथ से पकड़ने लगी और हल्के हल्के मसलने लगी, उसका जोश देखकर मैंने बहुत धीरे से उसके कान में कहा कि क्या तुम्हें पता है शादी के बाद पति पत्नी के बीच रात को क्या होता है? तो वो बोली कि क्या मतलब? में आपकी बात कहने का मतलब नहीं समझी, आप क्या कहना चाहते है. अब मैंने उससे कहा कि क्या तुम जानती हो सुहागरात के दिन क्या होता है? वो झट से बोली कि मुझे नहीं मालूम क्या होता है?

तभी मैंने उसकी चूत में अपनी दो उँगलियों को अचानक से एक झटका देकर अंदर डालते हुए उससे कहा कि उस दिन लंड को इसमें डाला जाता है और मेरा इशारा उसकी चूत की तरफ था और वो तुरंत मेरा इशारा समझ गई और बहुत दो उँगलियों के अंदर जाने की वजह से ज़ोर से चीखने लगी, आईईईईइ माँ में मर गई और अब मैंने उससे पूछा कि जो काम अब तक तुम उंगली से करती आ रही हो, अगर वही काम मेरा लंड करे तो सोचो तुम्हें कितना मज़ा आएगा और लंड से मज़े करने की वजह से तुम्हारी मेहनत भी खत्म हो जाएगी.

दोस्तों वो मुझसे कुछ भी नहीं बोली बस चुपचाप मेरी बातें सुनती रही, में तुरंत समझ गया कि वो मेरे साथ अपनी चूत चुदाई के लिए तैयार है, वो भी अब शायद मेरे साथ उस अनुभव के मज़े लेना चाहती है और ऐसा कुछ उसके मन में चल रहा था और यह बातें सोचकर मैंने तुरंत उसे बेड पर लेटा दिया और अब मैंने उसकी स्कर्ट को पूरा ऊपर उठा दिया और उसकी चूत को मसलने सहलाने लगा और वो मेरे सामने बिल्कुल चित होकर पड़ी रही.

कुछ देर बाद मैंने अपना हाथ उसकी पेंटी में डाल दिया, जिसकी वजह से मुझे उसकी गरम जलती हुई चूत महसूस होने लगी थी. उसके बाद मैंने चूत में अपनी एक ऊँगली डाली और धीरे धीरे अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से उसका चेहरा एकदम लाल हो गया और उसकी आखें मदहोश होने की वजह से धीरे धीरे बंद हो रही थी, मानो कि जैसे उसे अब सेक्स का नशा चड़ रहा हो, इसलिए मैंने अब ज्यादा देर ना करते हुए उसका टॉप उतार दिया.

मैंने देखा कि उसने सफेद कलर की ब्रा पहनी हुई थी और उसके बूब्स बहुत कमाल के लग रहे थे, मानो कि वो अब ब्रा में से बाहर आने के लिए तड़प रहे थे. फिर में उन पर झपट पड़ा और उसके बूब्स को अब में ब्रा के ऊपर से दबाने लगा, जिसकी वजह से उसके बूब्स और भी ज्यादा टाईट हो गये और वो हल्की आवाज से करहाने लगी और फिर पागल की तरह अचानक से मुझसे लिपट गई. फिर मैंने उसको अपनी बाहों में ले लिया और अपने दोनों हाथों से में उसकी गोरी, चिकनी, गरम कमर पर हाथ घुमाने लगा. तभी मैंने उसकी ब्रा का हुक भी खोल दिया और उसे फिर से बेड पर लेटा दिया, जब मैंने उसकी तरफ देखा तो वो मुझे घूर रही थी.

मैंने उससे पूछा कि क्या हुआ तो उसने बोला कि यह सब काम में मुझे बहुत मज़ा आ रहा है और इसे क्या कहते है? तो मैंने जवाब दिया कि इसे सेक्स कहते है और उससे इतना कहकर मैंने अपने होठों को उसके होंठ पर रख दिया और उसको किस करने लगा और वो भी मेरे होंठो को चूसने लगी. कभी वो ऊपर के होंठ को चूसती तो कभी दोनों को एक साथ. वो मेरा पूरा पूरा साथ दे रही थी.

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अब मेरा एक हाथ उसके बूब्स पर और दूसरा हाथ उसकी चूत में था, तो मैंने महसूस किया कि वो अब तक बहुत गरम हो चुकी थी, जिसकी वजह से उसकी चूत से पानी बाहर निकल रहा था. फिर मैंने अब बिल्कुल भी देर नहीं की और मैंने अपनी जेब से कंडोम निकाला और अपने लंड पर चढ़ाया, क्योंकि में बहुत अच्छी तरह से जानता हूँ कि सेक्स करने में कभी भी कोई रिस्क नहीं लेना चाहिए.

फिर वो कंडोम को देखकर मुझसे पूछने लगी कि यह क्या है और इसे तुम अपने लंड पर क्यों चड़ा रहे हो? तब मैंने उससे कहा कि यह बचाव के लिए है, यह हम दोनों की भलाई के लिए बहुत जरूरी है, में यह बात कहते ही तुरंत उसके ऊपर चड़ गया और उसे दोबारा किस करने लगा और ऐसा करते हुए मैंने अपना लंड उसकी चूत के मुहं पर रख दिया और उससे कहा कि वो मेरे लंड को अपनी चूत पर मसले. अब उसने अपने एक हाथ से मेरा लंड पकड़ लिया और चूत पर मसलने लगी.

में धीरे धीरे में अपने लंड का चूत पर दबाव बड़ाने लगा और में इस काम में कोई भी जल्दबाजी नहीं करना चाहता था, क्योंकि ऐसा करने से बात बिगड़ भी सकती है और फिर सही मौका देखकर मैंने एक हल्का सा धक्का लगाया, जिसकी वजह से थोड़ा लंड चूत के अंदर और उसके मुहं से चीख बाहर और वो चिल्ला उठी, आह्ह्हह्ह्ह्ह भैया मुझे बहुत आह्ह्ह्ह दर्द हो रहा है प्लीज अब इसे बाहर निकाल दो.

फिर मैंने उसकी बातें ना सुनते हुए लंड का धीरे धीरे दबाव चूत पर बनाए रखा, जिसकी वजह से लंड उसकी चूत को चीरता फाड़ता हुआ अंदर जाने लगा, वो उस दर्द से छटपटाने लगी और मुझसे हर बार लंड को बाहर निकालने के लिए कहने लगी. अब मैंने देखा कि उसकी चूत की सिल टूटने की वजह से बाहर तक खून बहने लगा और वो दर्द से कराह रही थी. फिर मैंने उसको किस करना और उसके पूरे बदन को सहलाना शुरू किया, जिसकी वजह से उसे थोड़ी राहत मिलने लगी और थोड़ी देर तक में बिल्कुल भी नहीं हिला और वो अब धीरे धीरे शांत होने लगी.

कुछ देर बाद मैंने धीरे धीरे अपनी कमर को हिलाना शुरू किया और वो सिसकियाँ लेने लगी और अब वो भी नीचे पड़े रहे अपनी कमर को हिलाने लगी थी. अब मेरा लंड उसकी चूत में सिर्फ़ दो इंच ही अंदर था, लेकिन उसकी चूत अभी भी पूरे लंड को लेने के लिए तैयार नहीं थी.  Sister Ke Sath Suhagrat Manaya

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मैंने फिर भी थोड़ी और कोशिश की तो वो खुद ही मेरी गांड पर हाथ लगाकर मुझे अपनी तरफ खींचने लगी और धीरे से मेरा बचा हुआ लंड भी उसकी चूत में समा गया. करीब 1/2 घंटे तक मैंने उसकी लगातार चुदाई की और में लगातार, लेकिन धीरे धीरे अपने लंड को चूत से अंदर बाहर करता रहा और कभी में उसे अपने ऊपर लेता और कभी वो नीचे हो जाती तो में उसके बूब्स और उसकी गांड बूब्स को लगातार दबा रहा था, वो बहुत ही सेक्सी लग रही थी.

उसे अब बहुत मज़ा आ रहा था और मुझसे अपनी चूत की चुदाई करवाने के बाद वो मेरे ऊपर पूरी नंगी पड़ी हुई थी और अब वो मुझसे बोल रही थी कि आज से पहले मुझे कभी भी अपनी चूत में उंगली करने पर इतना मज़ा नहीं आया, जो मज़ा आज मुझे आपके लंड को अंदर लेने से आया, आज आपने तो मेरी सारी अंदर की खुजली को खत्म कर दिया और मुझे यह सब करके बहुत मज़ा आया, भैया आप प्लीज हर रोज़ मेरे साथ ऐसा ही करना, मुझे आपका लंड बहुत अच्छा लगता है.

दोस्तों यह सभी बातें कहकर वो अब मेरे लंड के साथ खेलने लगी, कभी लंड को ऊपर उठाती और कभी दोनों हाथों से लंड को पकड़कर हिलाती रही और उसके कोमल नरम हाथों में मेरा टाईट लंड बहुत बड़ा लग रहा था.

मैंने भी अब उसकी चूत में अपनी उंगली डाली और में उससे बोला कि तुम्हारे भैया बहुत अच्छी तरह से जानते है कि उसकी गुड़िया को कैसे खुश रखा जाए? में उसके बूब्स को दबाने लगा और उसके होंठो पर किस करने लगा और थोड़ी देर बाद एक बार फिर से मैंने उसकी चूत में अपना लंड डाल दिया और उसको स्वर्ग का सुख दे दिया, जो उसे बहुत सालों के बाद मिला था, लेकिन हाँ दोस्तों में बता दूँ कि जब कभी भी आप अपनी बहन को चोदो तो प्लीज कंडोम ज़रूर पहना वरना आप जानते हो कि क्या हो सकता है? दोस्तों मेरी इतनी कम उम्र में ही मुझे एक बहुत ही सेक्सी और वर्जिन लड़की को चोदने का मौका मिला था.

उस दिन के बाद से में हर रोज़ और गुड़िया भी इस तरह हम दोनों एक दूसरे के बदन के सेक्स की प्यास बुझाया करते है. हमें जब जैसे भी मौका मिलता तो हम एक दूसरे का पानी बाहर निकालकर हमारे गरम बदन को ठंडा किया करते और हमे यह सभी करने में बहुत मज़ा आने लगा था और उस पहली चुदाई के बाद उसने मुझे कभी भी किसी भी काम के लिए मना नहीं किया और मैंने उस बात का फायदा उठाकर उसकी चूत की बहुत जमकर चुदाई के मज़े लिए और कुछ दिन लगातार सुबह शाम चुदाई करने के बाद मैंने एक दिन उसकी चूत को बहुत ध्यान से देखा.

दोस्तों अब उसकी चूत बिल्कुल बदल चुकी थी, चूत का रंग, आकार और उसकी सुंदरता अब पहले से भी ज्यादा अच्छी हो चुकी थी, मेरा मतलब अब मैंने उसकी चूत को चोद चोदकर भोसड़ा बना दिया था और ठीक वैसा ही हाल उसके शरीर के सभी अंगो का था, वो पहले कच्ची कली थी, लेकिन अब वो खिला हुआ फुल बन चुकी थी. उसके बूब्स, गांड, चेहरे की बनावट, चाल तक भी बहुत बदल चुकी थी.

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दोस्तों अब अब वो ऊपर से लेकर नीचे तक एकदम सेक्सी दिखने लगी थी और मुझे भी अब अपनी सेक्स की प्यास को बुझाने के लिए कहीं बाहर किसी दूसरी चूत का सहारा नहीं लेना पड़ेगा और जब तक उसकी शादी नहीं हो जाती हम दोनों का ऐसे ही लगातार चुदाई करने का विचार है, वैसे मैंने उससे कहा था कि वो किसी को भी इस बारे में ना कहे, क्योंकि अगर पापा को पता चला तो मेरी तो हालत खराब कर देंगे. अब तो मम्मी पापा के सामने तो हम दोनों एक दूसरे से कभी कुछ ज्यादा नहीं बोलते है, लेकिन जब हम दोनों अकेले में होते है तो हम बहुत ही पागल हो जाते, क्योंकि गुड़िया को मेरा लंड भा गया था और मुझे उसकी प्यासी चूत, लेकिन फिर भी वो खुद ही हर रात को मुझे अपनी चुदाई करने के लिए बुलाया करती थी, कभी हम दोनों एक साथ में बैठकर टी.वी. देख रहे होते, तो वो धीरे से सही मौका देखकर मेरा लंड पकड़कर मसलने लगती और मम्मी के आते ही वो तुरंत छोड़ देती.

फिर उसके बाद में उसका वो इशारा चुदाई के लिए बैचेनी को तुरंत समझकर उससे ऊपर अपने रूम में जाने को बोलता और उसके थोड़ी देर बाद में भी उसके पीछे पीछे कमरे में चला जाता और फिर में उसे वहीं पर बहुत जमकर चोदता और अब में उसकी चूत के साथ साथ गांड में भी लंड डालने लगा हूँ, वैसे पहली बार हम दोनों को ऐसा करने में बहुत ज्यादा दर्द का सामना करना पड़ा, क्योंकि उसकी गांड का छेद बहुत ही छोटा था, इसलिए मैंने लंड के साथ साथ उसकी गांड पर वेसलिन लगाकर पहले अपनी ऊँगली को डालकर गांड को फैलाया और जब मुझे छेद के बड़े होने का अंदाजा हुआ, तब मैंने उसको घोड़ी बनाकर लंड को गांड के छेद पर सेट करके उसकी कमर को कसकर पकड़ लिया और फिर में धीरे धीरे अंदर की तरफ दबाव बनाते हुए उसकी गांड में लंड को डालता रहा, जिसकी वजह से उसने बहुत उछलकुद मचाई और वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चीखने चिल्लाने लगी.

मैंने लंड को कुछ देर तक एक जगह पर रखकर उसके बूब्स को सहलाकर उसके शांत होने का इंतजार किया और वो हर बार लंड को मुझसे बाहर निकालने के लिए कहती रही, लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और जब वो शांत होने लगी, तब मैंने उसकी कमर को अपने दोनों हाथों से पकड़कर में अपने लंड को अंदर बाहर करने लगा, जिसकी वजह से मेरा लंड उसकी गांड से रगड़ता हुआ आगे पीछे होने लगा और मैंने महसूस किया कि अब उसकी चीखने की आवाज अब सिसकियों में बदल चुकी थी और कुछ देर बाद मैंने अपना वीर्य उसकी गांड में डालकर उसको पूरी तरह से संतुष्ट कर दिया और जब मैंने लंड को बाहर निकाला तो मेरे लंड के साथ उसकी चूत से मेरा वीर्य भी बाहर निकलकर बहने लगा. उसके कुछ देर तक हम दोनों ऐसे ही पड़े रहे.

दोस्तों जिस दिन मैंने उसकी गांड के मज़े लिए. उस दिन हमारी अच्छी किस्मत से घर पर दो दिन तक कोई भी नहीं था, क्योंकि उसकी गांड मारने की वजह से उसकी चाल दर्द की वजह से बिल्कुल बदल चुकी थी और वो बहुत ज़ोर ज़ोर से चीखी चिल्लाई. अगर घर पर उस दिन हमारे अलावा कोई और भी होता तो हम दोनों पकड़े जाते, लेकिन उन दो दिनों तक हमने मज़े बहुत किए.  Sister Ke Sath Suhagrat Manaya….

The End…

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