तीन लोगो ने मिलकर सेक्स किया – wife threesome stories hindi part-2

Wife Ke Sath Threesome-2

फिर मनप्रीत ने कुछ देर बाद अपना लंड चूत से बाहर निकालकर उसकी गांड के छेद पर रख दिया और हल्का सा धक्का दे दिया। फिर रागिनी दर्द की वजह से जल्दी से पीछे हट गयी और वो कहने लगी कि नहीं यहाँ नहीं यहाँ मुझे बहुत दर्द होगा, बस आप चूत में ही डालो, उसी समय मनप्रीत ने मेरी तरफ देखा तो मैंने उससे कहा कि रागिनी मुझसे तो तुम करवाओगी नहीं एक बार मनप्रीत से ही करवा लो, तुम्हे बहुत मज़ा आएगा, लेकिन वो कहने लगी कि इससे मुझे ज्यादा ही दर्द होगा, में इतनी तकलीफ़ को सह नहीं सकती, क्योंकि मैंने कभी भी ऐसा नहीं किया है और मनप्रीत का यह लंड तो मोटा और लंबा भी कुछ ज्यादा है इसलिए मुझे डर भी बहुत लग रहा है।

अब मैंने उससे कहा कि तुम धीरे धीरे आराम से कर लो और फिर मैंने मनप्रीत को कहा कि तुम बहुत ही आराम से डालना, क्योंकि इसने इससे पहले कभी भी अपनी गांड नहीं मरवाई। फिर मनप्रीत ने कहा कि रागिनी तुम बिल्कुल भी चिंता मत करो में बहुत ही आराम से करूंगा, रागिनी ने डरते डरते हुए हाँ भरी।

फिर मैंने मनप्रीत को तेल लाकर दे दिया जिसको उसने अपने लंड पर और रागिनी की गांड के छेद पर अच्छी तरह लगा दिया। मैंने अब उनसे कहा कि हम एक काम करते है में नीचे लेट जाता हूँ उसके बाद रागिनी तुम मेरे लंड पर बैठ जाओ और मैंने मनप्रीत को कहा कि तुम उसके बाद आराम से धक्का लगाकर अपना लंड इसकी गांड में डाल देना।    

अब रागिनी यह बात सुनकर तुरंत ही मेरे लंड पर बैठ गयी और उसने अपनी गांड को ऊपर उठा लिया और अब रागिनी का चेहरा मेरे सामने था, में उसको किस करने लगा और अपने दोनों हाथों से मैंने उसको जकड़ लिया और जिसके बाद पीछे से मनप्रीत ने रागिनी की गांड के छेद पर अपने लंड का टोपा रख दिया और अपने दोनों हाथों से उसके पेट के दोनों तरफ करके पीछे से उसने जकड़ लिया। 

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अब आगे से मैंने और फिर उसने भी हल्का सा झटका दिया, दर्द की वजह से रागिनी हिलने छटपटाने लगी और वो हमारी पकड़ से अपने आप को छुड़ाने की नाकाम कोशिश करने लगी, लेकिन हम दोनों ने ही उसको बड़ी मज़बूती से पकड़ा हुआ था। अब मनप्रीत ने सही मौका देखकर एक और झटका दे दिया जिसकी वजह से उसका लंड आधा गांड के अंदर चला गया और रागिनी बुरी तरह से चिल्लाने के साथ साथ हिलने भी लगी थी और दर्द की वजह से उसकी आखों से आँसू भी बाहर निकलने लगे।

फिर बहुत ही मुश्किल से उसने अपने होंठो को मेरे होंठो से छुड़वा लिया और वो रोते हुए मुझसे कहने लगी कि बहुत दर्द हो रहा है तुम अब और मत डालना प्लीज़ मुझे अब तुम छोड़ दो उफ़फ्फ़ ऊईईईई माँ में मर गई ऊउह्ह्ह्ह छोड़ दो, लेकिन हम दोनों ही उसको छोड़ने के लिए तैयार ही नहीं थे।          

अब मनप्रीत ने एक और जोरदार धक्का मारा तो उसका लंड थोड़ा सा और अंदर चला गया। फिर दर्द की वजह से रागिनी के मुहं से वो आईईईईईईइ माँ बचाओ मुझे चीख निकल गयी और वो बुरी तरह से रोने लगी, लेकिन हम दोनों ही अब उसकी चुदाई करने में बड़े मस्त हो गए थे, इसलिए हमे उसके दर्द से कोई मतलब नहीं था। अब मैंने मनप्रीत को इशारा करके कहा कि बस अब और मत डालो, फिर मैंने रागिनी को कहा कि बस मेरी जान ठीक है ना, अब हम दोनों तुम्हारे कहने पर रुक गए है?

रागिनी कहने लगी कि मुझे बहुत तेज दर्द हो रहा है, मेरी जान निकल रही है, आप मनप्रीत से कहो वो अब और अंदर ना डाले। फिर मैंने उसको सहलाते हुए चुप करवाया और उससे कहा कि बस मेरी जान अब तो चला गया अब तुम्हे मज़ा आने वाला है तुम उसको लेना शुरू करो और फिर मैंने मनप्रीत की तरफ इशारा करके कहा कि तुम अब आगे का काम शुरू करो। अब मनप्रीत ने मेरा इशारा समझकर तुरंत अपना लंड अंदर, बाहर करना शुरू किया, जिसकी वजह से रागिनी का पूरा जिस्म काँप रहा था और हम दोनों ने उसको अपनी बाहों में जकड़ा हुआ था। में लगातार उसके बदन को सहलाने लगा।          

फिर थोड़ी देर धक्के खाने के बाद रागिनी को कुछ आराम आने लगा तो मैंने रागिनी से पूछा कि अब तुम्हे कैसा लग रहा है, तुम्हे अब भी दर्द तो नहीं हो रहा?

तो वो कहने लगी कि अब मेरा यह दर्द कम हो गया है और उसी समय मैंने एक झटके के साथ अपना पूरा लंड डाल दिया।

अब मनप्रीत ने मुझसे कहा आपने तो पूरा डाल दिया ना?

मैंने कहा कि हाँ, लेकिन उसने अभी भी पूरा नहीं डाला था और अभी भी उसका लंड तीन इंच बाहर था।                

फिर मनप्रीत हल्के हल्के धक्के लगाने लगा और नीचे से में भी वैसे ही धक्के लगाकर उसको चोद रहा था, मनप्रीत ने रागिनी को कहा कि मेरा अभी भी थोड़ा सा बाहर है अगर तुम कहो तो में वो भी डाल दूँ। अब यह बात सुनकर रागिनी की आखों में एकदम डर सा आ गया.

फिर उसने मुझे कसकर पकड़ लिया, तो मैंने मनप्रीत को इशारा किया कि हाँ डाल दो। अब मनप्रीत ने अपने लंड को थोड़ा सा बाहर निकाला और फिर एक जोरदार धक्के से उसने अपना पूरा लंड रागिनी की गांड में डाल दिया और अब वो ज़ोर ज़ोर से धक्के मारने लगा। दर्द की वजह से रागिनी की चीख निकल रही थी और उसने मुझे बड़ी ही मज़बूती से पकड़ रखा था और मनप्रीत उसको तेज तेज धक्के मार रहा था, रागिनी को थोड़ी देर बाद में मज़ा आने लगा और वो आह्ह्ह ऊफ्फ्फ मर गई बस करो, तुम दोनों ने मेरी गांड और चूत को बहुत दर्द देकर चोदा है उफ़फ्फ़ मनप्रीत अब बस करो वरना में मर ही जाउंगी।     

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अब में कभी भी किसी और से अपनी चुदाई नहीं करवाउंगी आह्ह छोड़ दो तुम बहुत हरामी हो, क्या कभी इस तरह भी किसी को चोदते है?

अफफफफ छोड़ दो मुझे बस करो। फिर मनप्रीत कुछ देर धक्के देते हुए ही झड़ गया और उसने ठंडा होने के बाद अपने लंड को रागिनी की गांड से बाहर निकाला। तभी रागिनी जल्दी से मेरे ऊपर से उठ गई और वो रोने लगी वो कह रही थी कि उसको बहुत तेज दर्द हो रहा है आह्ह्ह अब तुम ही बताओ में क्या करूं इस दर्द का, यह कैसे कम होगा।

अब हम दोनों ने उसको समझाकर चुप करवाया, तब मैंने देखा कि उसकी गांड से अब खून भी बाहर आ रहा था, जिसको मैंने एक कपड़े से साफ किया और करीब आधे घंटे के बाद वो बिल्कुल शांत होकर सो गई । 

समाप्त !

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